छत्तीसगढ़ में आफत की बारिश : उफान पर नदियाँ, रायपुर से बस्तर तक जनजीवन अस्त-व्यस्त

रायपुर। चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के प्रभाव से छत्तीसगढ़ भर में भीषण बारिश ने हाहाकार मचा दिया है। राजधानी रायपुर से लेकर जगदलपुर तक दूर-दराज के ग्रामीण व शहरी क्षेत्र जलमग्न हो चुके हैं। खारुन और इंद्रावती सहित प्रदेश की प्रमुख नदियाँ उफान पर हैं, जिससे सड़क, रेल और हवाई यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ है और आम जनजीवन पटरी से उतर गया है।
रायपुर के कई इलाकों में घुसा पानी
गंगरैल बांध से पानी छोड़े जाने के कारण खारुन नदी का जलस्तर अप्रत्याशित रूप से बढ़ गया है। 19 वर्षों के बाद नदी खतरे के निशान को पार कर गई है, जिससे रायपुर और दुर्ग को जोड़ने वाला मुख्य पुल पानी में डूब गया। रात के समय चंदनीडीह, महादेव घाट, भाठागांव, काठाडीह और दतरेंगा जैसे निचले इलाकों में रिहाइशी मकानों तक पानी पहुंच गया। इसके बाद आपदा राहत टीमों ने मोर्चा संभालते हुए प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया।
इंद्रावती नदी ने तोड़ा 53 साल पुराना रिकॉर्ड
दुर्ग जिले में शिवनाथ नदी के रौद्र रूप के कारण एक दर्जन से अधिक गांवों में बाढ़ का खतरा मंडरा रहा है, जहां से 200 से अधिक ग्रामीणों को सुरक्षित बाहर निकाला गया है। वहीं बस्तर क्षेत्र में इंद्रावती नदी का जलस्तर 12.20 मीटर के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया, जिसने 1973 में दर्ज 12.15 मीटर के पिछले उच्चतम स्तर को भी पार कर दिया है। प्रभावित क्षेत्रों में बचाव एवं राहत कार्य तेजी से चलाए जा रहे हैं।
मौसम विभाग का इन जिलों में अलर्ट
मौसम विज्ञान केंद्र (IMD) के अनुसार, उत्तर-पूर्वी मध्य प्रदेश और उत्तरी छत्तीसगढ़ के ऊपर सक्रिय गहरा कम दबाव का क्षेत्र अब उत्तर-पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा है। विभाग ने स्थिति को देखते हुए रायपुर, दुर्ग, राजनांदगांव, महासमुंद, गरियाबंद, बेमेतरा, जांजगीर, सक्ती, सूरजपुर और बलरामपुर जिलों में बारिश को लेकर यलो अलर्ट घोषित किया है।
















