रक्षाबंधन से पहले संबल 2.0 की 11वीं किश्त जारी, 9,149 श्रमिक परिवारों के खातों में पहुंचे 203 करोड़ रुपये

भोपाल (एजेंसी)। मध्यप्रदेश सरकार ने त्योहारी सीजन के दौरान राज्य के असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बड़ी आर्थिक राहत प्रदान की है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मुख्यमंत्री निवास से सिंगल क्लिक के जरिए ‘मुख्यमंत्री जनकल्याण (संबल) 2.0 योजना’ की 11वीं किश्त के रूप में 203 करोड़ रुपये की अनुग्रह राशि 9,149 पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में सीधे ट्रांसफर की।
श्रमिक कल्याण और सहायता राशि का विवरण
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार हर मुश्किल परिस्थिति में श्रमिकों के साथ खड़ी है। इस किश्त के तहत दी गई सहायता राशि का मुख्य विवरण निम्न अनुसार है:
सामान्य मृत्यु सहायता: 8,027 प्रभावित परिवारों को आर्थिक मदद।
दुर्घटना मृत्यु अनुग्रह राशि: 1,034 परिवारों को सहायता दी गई।
दिव्यांगता सहायता: 22 स्थायी दिव्यांग और 66 आंशिक रूप से दिव्यांग हितग्राहियों को सहायता मिली।
योजना के प्रमुख प्रावधान और लाभ
सरकार द्वारा संबल 2.0 योजना के तहत दी जाने वाली वित्तीय सहायता की दरें:
स्थिति / कारण, दी जाने वाली आर्थिक सहायता राशि
दुर्घटना में मृत्यु होने पर,₹4 लाख
सामान्य मृत्यु होने पर,₹2 लाख
स्थायी दिव्यांगता होने पर,₹2 लाख
आंशिक स्थायी दिव्यांगता पर,₹1 लाख
अंत्येष्टि सहायता,”₹5,000″
गर्भवती श्रमिक महिलाओं को पोषण सहायता,”₹16,000″
नए क्षेत्रों और सामाजिक सुरक्षा का विस्तार
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि बदलते दौर के साथ अब गिग और प्लेटफॉर्म वर्कर्स (ऑनलाइन और ऐप आधारित काम करने वाले युवाओं) को भी संबल योजना का लाभ दिया जा रहा है। इसके अतिरिक्त:
संबल लाभार्थियों को आयुष्मान भारत निरामयम् योजना से जोड़ा गया है।
श्रमिकों के बच्चों को मेडिकल, इंजीनियरिंग, लॉ और पॉलिटेक्निक जैसे उच्च शिक्षण पाठ्यक्रमों के लिए फीस सहायता दी जा रही है।
श्रमिकों की कार्यस्थल सुरक्षा और सम्मान सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश में ‘श्रम शक्ति संहिता’ लागू की गई है और ‘श्रम स्टार रेटिंग’ व्यवस्था शुरू की गई है।
श्रमिकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए ‘श्रमणा’ योजना के माध्यम से सहकारिता से जोड़ा जा रहा है।
समारोह में वर्चुअली शामिल हुए पंचायत, ग्रामीण विकास एवं श्रम मंत्री प्रह्लाद सिंह पटेल ने स्पष्ट किया कि सरकार पिछला बैकलॉग खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है और इस किश्त के साथ 1 जनवरी 2026 तक के सभी बकाया भुगतानों का निपटारा कर दिया गया है।
















