छत्तीसगढ़

नादिया कबीर मठ में संत समागम : मुख्यमंत्री ने की क्षेत्र के विकास के लिए बड़ी घोषणाएं

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने आज राजनांदगांव जिले के डोंगरगांव स्थित ग्राम नादिया में आयोजित ‘अखिल भारतीय सद्गुरु कबीर संत सम्मेलन’ में शिरकत की। फाल्गुन महोत्सव के अवसर पर आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने आध्यात्मिक मूल्यों और सुशासन के समन्वय पर जोर दिया।

आश्रम और क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण सौगातें

मुख्यमंत्री ने कबीर मठ आश्रम की परंपरा को सहेजने और क्षेत्र के विकास के लिए निम्नलिखित घोषणाएं कीं:

आर्थिक अनुदान: आश्रम में विकास कार्यों हेतु 11 लाख रुपए की तत्काल स्वीकृति।

स्थायी बुनियादी ढांचा: मठ परिसर में एक स्थायी डोम का निर्माण कराया जाएगा।

बजटीय प्रावधान: इस वार्षिक आयोजन को सुचारू रूप से चलाने के लिए सरकारी बजट में नियमित राशि की व्यवस्था।

शिक्षा व खेल: ग्राम नादिया में युवाओं के लिए एक मिनी स्टेडियम का निर्माण।

सांस्कृतिक पहचान: राजनांदगांव शहर में कबीर साहेब की स्मृति में एक भव्य प्रवेश द्वार बनाया जाएगा।

संत परंपरा और कबीर दर्शन पर विचार

सभा को संबोधित करते हुए श्री साय ने कहा कि संत परंपरा समाज को नैतिकता का मार्ग दिखाती है। उन्होंने कबीर साहेब के ‘निंदक नियरे राखिए’ जैसे दोहों का उल्लेख करते हुए बताया कि आत्म-सुधार के लिए आलोचना सुनने का साहस होना जरूरी है।

मुख्यमंत्री ने भावुक होते हुए अपने बचपन के दिनों को याद किया और बताया कि कुनकुरी स्थित कबीर आश्रम से उनका गहरा नाता रहा है। उन्होंने नादिया मठ के संस्थापक सद्गुरु सेवा साहब जी और अपनी संपत्ति दान करने वाले मंतू ठाकुर जी को नमन करते हुए हलबा समाज के गौरवशाली इतिहास और वीर गेंदसिंह जी के बलिदान को याद किया।

राज्य सरकार की उपलब्धियों का लेखा-जोखा

मुख्यमंत्री ने मंच से अपनी सरकार की प्राथमिकताओं और अब तक किए गए कार्यों का विवरण साझा किया:

योजना / क्षेत्र,मुख्य उपलब्धि

किसान कल्याण,”25 लाख से अधिक किसानों को 10,000 करोड़ रुपए की राशि का अंतरण।”
महतारी वंदन,”69 लाख महिलाओं को 15,000 करोड़ रुपए से अधिक का भुगतान।”
आवास योजना,18 लाख स्वीकृत आवासों में से 8 लाख का निर्माण पूर्ण।
नक्सल उन्मूलन,आत्मसमर्पित नक्सलियों और PVGT समुदाय के लिए विशेष आवास स्वीकृत।
रोजगार,”दो वर्षों में 32,000 से अधिक सरकारी पदों पर भर्ती प्रक्रिया शुरू।”

सांस्कृतिक पुनरुत्थान और सुशासन

मुख्यमंत्री ने छत्तीसगढ़ को भगवान राम का ननिहाल बताते हुए ‘श्रीराम लला दर्शन योजना’ की सफलता का जिक्र किया, जिसके तहत हजारों श्रद्धालु अयोध्या और काशी की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने भ्रष्टाचार के विरुद्ध ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति दोहराते हुए कहा कि अब प्रतियोगी परीक्षाओं में पारदर्शिता है, जिससे गरीब परिवारों के बच्चे भी अधिकारी बन रहे हैं।

विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति:

इस अवसर पर स्कूल शिक्षा मंत्री श्री गजेंद्र यादव ने मुख्यमंत्री की संतों के प्रति अटूट आस्था की सराहना की। कार्यक्रम में सांसद श्री संतोष पांडेय, पूर्व सांसद मधुसूदन यादव, और कबीर पंथ के विभिन्न आचार्य व साध्वी उपस्थित रहे।

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