लोक कल्याण और मानवता के सच्चे प्रतीक हैं भगवान देवनारायण : मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भगवान देवनारायण के जीवन और उनके सिद्धांतों को पूरे समाज के लिए मार्गदर्शक बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भगवान देवनारायण केवल एक विशिष्ट समुदाय के आराध्य नहीं हैं, बल्कि वे न्याय, शौर्य और लोक-सेवा की जीती-जागती मिसाल हैं। उन्होंने अपने जीवनकाल में यह साबित करके दिखाया कि दुर्बलों की रक्षा और मानव कल्याण ही धर्म का सबसे सच्चा रूप है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को अपने निवास स्थित समत्व भवन से उज्जैन के जमालपुरा गाँव में चल रहे सात दिवसीय श्री देवनारायण कथा महोत्सव से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े थे।
उज्जैन से रहा है भगवान देवनारायण का गहरा नाता
महोत्सव के आयोजकों और श्रद्धालुओं को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि इस पावन परिसर में लगातार छठे साल सात दिनों की कथा का आयोजन होना बेहद सौभाग्य की बात है। उन्होंने भगवान देवनारायण के ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि वे जन-जन के देवता और विष्णु जी के अवतार हैं। उज्जैन उनका ननिहाल रहा है, जहाँ उन्होंने अपने जीवन के अमूल्य 12 वर्ष बिताए थे। उनका पूरा जीवन परोपकार को समर्पित था, और हमें भी अपनी संस्कृति के इसी ‘सेवा परमो धर्म:’ के मूल मंत्र को अपनाते हुए आगे बढ़ना चाहिए।
इस धार्मिक आयोजन में प्रख्यात कथा व्यास पंडित ईश्वर सिंह गुर्जर (भगत जी) के साथ ही श्री रामचंद्र, श्री निर्भय सिंह आंजना, श्री वीरेंद्र आंजना, श्री मानसिंह चौधरी और श्री हीरालाल आंजना सहित बड़ी तादाद में स्थानीय श्रद्धालु मौजूद रहे।
















