छत्तीसगढ़ में लोकतंत्र सेनानियों के लिए नई सौगात : पेंशन में बढ़ोतरी के साथ मिलेंगी स्वास्थ्य सुविधाएं

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने आपातकाल के दौरान जेल जाने वाले मीसाबंदियों (लोकतंत्र सेनानियों) के हक में एक बड़ा निर्णय लिया है। सरकार ने ‘लोकतंत्र सेनानी सम्मान अधिनियम’ में बदलाव करते हुए सम्मान राशि की सीमा बढ़ा दी है और अब इसके तहत अधिकतम 25 हजार रुपये प्रति माह दिए जाएंगे। इस नए संशोधन से राज्य के और भी कई पात्र लोग इस दायरे में शामिल हो सकेंगे। इसके अलावा, मीसाबंदियों को अब स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों की तरह ही मुफ्त चिकित्सा सुविधाएं भी मुहैया कराई जाएंगी।
3 महीने के भीतर जमा करने होंगे दस्तावेज
नए नियमों के आधिकारिक नोटिफिकेशन के अनुसार, जो लोकतंत्र सेनानी इस योजना का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें 90 दिनों के भीतर अपने जरूरी कागजात जमा करने होंगे।
आवेदन की प्रक्रिया: सम्मान राशि प्राप्त करने के लिए जिला मजिस्ट्रेट (DM) के पास आवेदन करना होगा।
जरूरी दस्तावेज: आवेदन पत्र के साथ जिला पुलिस अधीक्षक (SP) द्वारा जारी किया गया वेरिफिकेशन सर्टिफिकेट लगाना अनिवार्य है।
समीक्षा समिति: आवेदनों की जांच के लिए एक जिला स्तरीय कमेटी बनाई जाएगी, जिसकी अगुवाई जिले के प्रभारी मंत्री करेंगे।
किसे मिलेगी कितनी आर्थिक सहायता?
संशोधित नियमों के तहत जेल में रहने वाले नागरिकों के साथ-साथ आपातकाल के दौरान थानों में बंद किए गए लोगों को भी इस योजना का लाभ मिलेगा। अवधि के आधार पर मासिक पेंशन को तीन श्रेणियों में बांटा गया है:
हिरासत/जेल की अवधि,मिलने वाली मासिक सम्मान राशि
1 महीने तक (थाने या जेल में),”₹8,000 प्रति माह”
1 से 5 महीने तक (थाने या जेल में),”₹15,000 प्रति माह”
5 महीने से अधिक (थाने या जेल में),”₹25,000 प्रति माह”
अतिरिक्त लाभ: नए प्रावधानों के मुताबिक, यदि किसी मीसाबंदी का निधन होता है, तो उनके परिवार को अंतिम संस्कार (अंत्येष्टि) के लिए 25 हजार रुपये की तत्कालिक आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।
















