ग्रामीण महिलाओं को मिलीं सवारी गाड़ियाँ, सीएम साय ने सुशासन तिहार में सौंपी चाबियाँ

दंतेवाड़ा। ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं को आर्थिक रूप से स्वावलंबी बनाने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने एक बड़ी सौगात दी है। ‘सुशासन तिहार 2026’ के तहत चेरपाल गाँव में आयोजित जिला स्तरीय समस्या निवारण शिविर में मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) से जुड़ी महिलाओं को ‘आजीविका ग्रामीण एक्सप्रेस योजना’ के अंतर्गत टाटा मैजिक गाड़ियों की चाबियाँ सौंपी। कटेकल्याण और कुआकोंडा विकासखंड के 8 संकुल संगठनों को ये गाड़ियाँ दी गई हैं, जिन्हें मुख्यमंत्री ने हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और महिलाओं को सफल भविष्य की बधाई दी।
परिवहन सुविधा के साथ बढ़ेगी आमदनी
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का दोहरा लाभ मिलेगा। पहला, इससे अंदरूनी और सुदूर इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों को आने-जाने के लिए बेहतर साधन मिलेंगे। दूसरा, महिला स्व-सहायता समूहों के लिए कमाई का एक नियमित जरिया तैयार होगा। प्रत्येक वाहन की खरीद पर सरकार की ओर से करीब 5 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है। इससे परिवहन व्यवस्था सुधरने के साथ-साथ महिलाओं की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी।
41 हजार से ज्यादा परिवारों को सहारा दे रहा ‘बिहान’
जिले में महिलाओं को आर्थिक मोर्चे पर सक्षम बनाने के लिए बिहान मिशन बेहद सक्रिय भूमिका निभा रहा है। वर्तमान आंकड़ों के मुताबिक, जिले के 41,110 परिवारों को स्वयं सहायता समूहों के नेटवर्क से जोड़कर विभिन्न रोजगारपरक कार्यों से जोड़ा जा चुका है। ये महिलाएँ खेती-किसानी, डेयरी, लघु उद्योगों और वनोपज के प्रोसेसिंग जैसे कामों के जरिए अपनी कमाई बढ़ा रही हैं और आत्मनिर्भर बन रही हैं।
सुधरेगी ग्रामीण कनेक्टिविटी, मजबूत होगी अर्थव्यवस्था
इन नई सवारी गाड़ियों के सड़कों पर उतरने से गाँवों और शहरों के बीच की दूरी कम होगी। दूर-दराज के ग्रामीणों के लिए हाट-बाजार, अस्पताल, स्कूल-कॉलेज और जिला मुख्यालय तक पहुँचना अब काफी आसान, सुरक्षित और सस्ता हो जाएगा। वहीं दूसरी ओर, गाड़ियों के संचालन और देखरेख की जिम्मेदारी सँभालकर महिलाएँ अपने परिवारों की आर्थिक स्थिति को नई मजबूती देंगी।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस मौके पर कहा कि हमारी सरकार महिलाओं को स्वावलंबी और सशक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आज ग्रामीण इलाकों की आर्थिक व्यवस्था को सँभालने में महिला समूहों का योगदान सराहनीय है। सरकार की कोशिश है कि महिलाओं को ऐसे ही स्वरोजगार के नए अवसर मिलते रहें ताकि वे समाज की प्रगति में अपनी भागीदारी निभा सकें। इस पहल के लिए महिला समूहों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इससे उन्हें न सिर्फ आजीविका मिली है, बल्कि ग्रामीणों की सेवा करने का मौका भी मिला है।
















