बीजापुर के कोण्डापल्ली गांव में जनचौपाल : मुख्यमंत्री ने स्वयं सुनीं ग्रामीणों की समस्याएं, विकास कार्यों का लिया जायजा

बीजापुर। छत्तीसगढ़ में चल रहे राज्यव्यापी ‘सुशासन तिहार’ के तहत मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय बीजापुर जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित कोण्डापल्ली गांव पहुंचे। वहाँ आयोजित एक जनचौपाल में उन्होंने स्थानीय निवासियों से सीधा संवाद किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों की समस्याओं को जाना, सरकारी योजनाओं के जमीनी क्रियान्वयन की समीक्षा की और लाभार्थियों से मिलकर उनके अनुभवों को साझा किया।
मुख्यमंत्री का संदेश
चौपाल को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री साय ने स्पष्ट किया कि सुशासन तिहार केवल कागजी या प्रशासनिक औपचारिकता नहीं है, बल्कि यह जनता और सरकार के बीच के भरोसे को प्रगाढ़ करने की एक अनूठी पहल है। उन्होंने जोर देकर कहा:
अंतिम व्यक्ति तक पहुंच: सरकार की प्राथमिकता है कि लोक-कल्याणकारी योजनाओं का सीधा लाभ समाज के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मिले।
द्वार पर सरकार: किसी भी जरूरतमंद को अपने अधिकारों के लिए परेशान न होना पड़े, इसीलिए प्रशासन स्वयं चलकर गांवों तक पहुंच रहा है।
योजनाओं का लाभ और स्टॉल निरीक्षण
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने विभिन्न शासकीय विभागों द्वारा लगाए गए स्टॉलों का निरीक्षण किया। उन्होंने अपने हाथों से हितग्राहियों को कई सरकारी योजनाओं के लाभ वितरित किए, जिनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:
वनाधिकार मान्यता पत्र
जाति एवं निवास प्रमाण पत्र
प्रधानमंत्री आवास योजना के स्वीकृति पत्र
श्रम कार्ड और किसान हितग्राही लाभ
अधिकारियों को सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री साय ने मौके पर मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि ग्रामीणों से प्राप्त होने वाले सभी आवेदनों और शिकायतों का एक निश्चित समय-सीमा के भीतर प्राथमिकता से निपटारा किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना की असली सफलता तभी है जब पात्र व्यक्ति को समय पर उसका लाभ मिले।
बस्तर के विकास की प्रतिबद्धता
उन्होंने बीजापुर और बस्तर जैसे सुदूर वनांचल क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास को राज्य सरकार की शीर्ष प्राथमिकता बताया। उन्होंने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के विकास कार्यों में फंड या संसाधनों की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी।
इस विशेष अवसर पर मुख्यमंत्री के प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह और विशेष सचिव रजत बंसल सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
















