छत्तीसगढ़

खरीफ सीजन के लिए छत्तीसगढ़ सरकार मुस्तैद : किसानों को समय पर खाद देने के लिए जिला स्तर पर पुख्ता इंतजाम

रायपुर। छत्तीसगढ़ में आगामी खरीफ सीजन को देखते हुए मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार पूरी तरह सक्रिय हो गई है। किसानों को खेती-किसानी के लिए समय पर खाद और कृषि सामग्रियां मिल सकें, इसके लिए कृषि, सहकारिता विभाग, मार्कफेड और जिला प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं। वैश्विक स्तर पर चल रहे तनाव के कारण खाद की आपूर्ति में आने वाली दिक्कतों को भांपते हुए सरकार ने पहले से ही अपनी रणनीतियां तैयार कर ली हैं, ताकि जमाखोरी और कालाबाजारी जैसी समस्याओं को रोका जा सके।

केंद्रीय कोटा और वर्तमान स्टॉक की स्थिति

मुख्यमंत्री की पहल पर केंद्र सरकार ने छत्तीसगढ़ के लिए इस खरीफ सीजन में 15.55 लाख मीट्रिक टन खाद का लक्ष्य तय किया है। वर्तमान में राज्य के गोदामों और सोसायटियों में 9.29 लाख मीट्रिक टन खाद पहले से ही सुरक्षित है। आबंटित लक्ष्य के तहत मिलने वाली प्रमुख खादों का विवरण इस प्रकार है:

यूरिया: 7.25 लाख मीट्रिक टन

डीएपी (DAP): 3 लाख मीट्रिक टन

एनपीके (NPK): 2.5 लाख मीट्रिक टन

एसएसपी (SSP): 2 लाख मीट्रिक टन

एमओपी (MOP): 80 हजार मीट्रिक टन

कृषि विभाग के संचालक राहुल देव के अनुसार, जून की शुरुआत में ही तिल्दा (रायपुर), बेलसोंडा (महासमुंद), खरसिया (रायगढ़) और बालोद के रेक प्वाइंट्स पर कुल 6,600 मीट्रिक टन यूरिया की नई खेप पहुँच रही है, जिससे वितरण व्यवस्था और मजबूत होगी।

जिलों में भंडारण और वितरण का खाका

राज्य के विभिन्न जिलों में खाद का वितरण सुचारू रूप से चल रहा है। छोटे और बड़े किसानों की सहूलियत के लिए जमीन के आधार पर किश्तें तय की गई हैं। उदाहरण के लिए, रायपुर जिले में ढाई एकड़ तक के सीमांत किसानों को यूरिया एकमुश्त मिलेगा, जबकि बड़े किसानों को यह तीन किश्तों में दिया जाएगा।

जिला,कुल निर्धारित लक्ष्य / वर्तमान स्थिति,वर्तमान में उपलब्ध स्टॉक (मीट्रिक टन),अब तक का वितरण (मीट्रिक टन)
बस्तर,”46,050 मीट्रिक टन का लक्ष्य”,”29,719 (लक्ष्य का 64%)”,वितरण जारी
बिलासपुर,”68,950 मीट्रिक टन का लक्ष्य”,”41,560″,”19,912 से अधिक”
राजनांदगांव,”68,690 मीट्रिक टन का लक्ष्य”,”42,997 (पिछले साल से 43% अधिक)”,”10,874 किसानों को वितरण”
धमतरी,”19,358 मीट्रिक टन का कुल भंडारण”,”15,040″,”4,318″
कोरिया,”12,150 मीट्रिक टन का लक्ष्य”,मॉनिटरिंग जारी,”6,196″
कोरबा,अप्रैल-मई में वितरण पर जोर,स्टॉक पर्याप्त,”2,101.85 (मई में तेज बढ़ोतरी)”

इसके अलावा, गरियाबंद में नैनो यूरिया और नैनो डीएपी का पर्याप्त स्टॉक है, जबकि खैरागढ़-छुईखदान-गंडई की मुकुरमुडा समिति में 362 मीट्रिक टन खाद का अग्रिम भंडारण किया गया है। मुंगेली में आई तकनीकी दिक्कतों को भी प्रशासन ने तुरंत दूर कर दिया है।

आधुनिक विकल्पों को बढ़ावा और गड़बड़ी पर सख्त कार्रवाई

पारंपरिक खादों पर निर्भरता कम करने और खेती की लागत घटाने के लिए सरकार किसानों को नैनो यूरिया और नैनो डीएपी जैसे वैज्ञानिक विकल्पों के प्रति जागरूक कर रही है। हालांकि, कृषि विभाग ने साफ किया है कि नैनो खादों का इस्तेमाल पूरी तरह स्वैच्छिक (ऑप्शनल) है और यह किसानों की सहमति पर ही दिया जा रहा है।

कड़ी कार्रवाई की चेतावनी: कृषि मंत्री श्री राम विचार नेताम ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक से खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा। इसी सिलसिले में कोरिया जिले की जिल्दा सहकारी समिति में अनियमितता मिलने पर दोषी प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने प्रशासन को कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए हैं ताकि पारदर्शी व्यवस्था के तहत हर एक किसान तक बिना किसी परेशानी के समय पर खाद पहुँच सके।

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