छत्तीसगढ़

राजनांदगांव जिला अस्पताल बनेगा और भी आधुनिक : विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने दी करोड़ों के विकास कार्यों की सौगात

राजनांदगांव। छत्तीसगढ़ के विधानसभा अध्यक्ष डॉ. रमन सिंह ने राजनांदगांव जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने के लिए 6.42 करोड़ रुपये से अधिक के विकास कार्यों की शुरुआत की है। इन परियोजनाओं में कुछ का लोकार्पण किया गया, तो कुछ का भूमिपूजन (शिलान्यास) संपन्न हुआ।

अस्पताल की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने के लिए जिला चिकित्सालय भवन के अपग्रेडेशन और ऊंचाई बढ़ाने के काम का उद्घाटन किया गया, जिसकी लागत 3.56 करोड़ रुपये है। इसके अलावा, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) के नए दफ्तर के लिए 2.86 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बिल्डिंग की नींव भी रखी गई।

मरीजों के भरोसे पर खरा उतर रहा है जिला अस्पताल

डॉ. रमन सिंह ने कहा कि राजनांदगांव का जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज पूरे छत्तीसगढ़ में बेहतरीन इलाज देने के मामले में काफी आगे चल रहे हैं। यहाँ आने वाले मरीजों से मिल रहा सकारात्मक फीडबैक इस बात का सबूत है कि जिला प्रशासन और स्वास्थ्य महकमा पूरी मुस्तैदी से अपना काम कर रहा है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में बढ़ोतरी और नए डॉक्टरों की तैनाती

कार्यक्रम के दौरान विधानसभा अध्यक्ष ने स्वास्थ्य सेवाओं को और बेहतर बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं कीं:

शिशु और मातृ मृत्यु दर में कमी: उन्होंने कहा कि जच्चा-बच्चा को सुरक्षित रखना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। खुशी की बात है कि राजनांदगांव में मातृ मृत्यु दर राज्य के औसत से भी कम है।

नए संसाधनों की घोषणा: जिला खनिज न्यास (DMF) फंड से दो गायनेकोलॉजिस्ट (स्त्री रोग विशेषज्ञ) की नियुक्ति की जाएगी।

तकनीकी सुधार: अस्पताल में रूफ रिपेयरिंग (छत मरम्मत) और लिफ्ट को ठीक कराया जाएगा। साथ ही मरीजों के लिए डेंटल एक्स-रे और सेपरेटर मशीनें भी उपलब्ध कराई जाएंगी।

आधुनिक बदलावों से आम जनता को मिलेगी राहत

सांसद संतोष पांडेय ने कार्यक्रम में कहा कि नए बदलावों के बाद जिला अस्पताल अब और भी आधुनिक रूप में जनता की सेवा के लिए तैयार है। उन्होंने अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की सेवा भावना की तारीफ करते हुए कहा कि इन नई सुविधाओं से मरीजों को इलाज के लिए भटकना नहीं पड़ेगा।

मातृ मृत्यु दर को कम करने में मिली सफलता

कलेक्टर जितेंद्र यादव ने अस्पताल की टीम को पूरी गुणवत्ता और समय सीमा के भीतर काम करने की जिम्मेदारी सौंपी। वहीं जिला पंचायत की सीईओ सुरूचि सिंह ने बताया कि जिले में हाई-रिस्क (जोखिम वाली) गर्भवती महिलाओं की लगातार ट्रैकिंग और देखरेख की जा रही है, जिसकी वजह से मातृ मृत्यु दर में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

कार्यक्रम में ये रहे मौजूद

इस खास मौके पर महापौर मधुसूदन यादव, जिला पंचायत अध्यक्ष किरण वैष्णव, पूर्व सांसद अभिषेक सिंह, कोमल सिंह राजपूत, गौतम पारख सहित जीवनदीप समिति के सदस्य, मेडिकल कॉलेज के डीन डॉ. पंकज लुका, निगम कमिश्नर अतुल विश्वकर्मा, सीएमएचओ डॉ. नेतराम नवरतन और सिविल सर्जन डॉ. महेंद्र प्रसाद समेत कई प्रशासनिक अधिकारी और स्थानीय नागरिक उपस्थित थे।

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