रायगढ़ को मिली उद्यानिकी कॉलेज की सौगात, मंत्री रामविचार नेताम ने किया भूमिपूजन

रायपुर। छत्तीसगढ़ के कृषि एवं रायगढ़ जिला प्रभारी मंत्री श्री रामविचार नेताम ने अपने रायगढ़ दौरे के दौरान क्षेत्र के विकास के लिए कई बड़ी घोषणाएं और शिलान्यास किए। उन्होंने ग्राम कोसमनारा में 23.03 करोड़ रुपये के बजट से बनने वाले उद्यानिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र के साथ-साथ 100-100 बिस्तरों वाले छात्र और छात्रा छात्रावासों की आधारशिला रखी। इसके अतिरिक्त, उन्होंने ग्राम पटेलपाली में स्थित फल-सब्जी मंडी परिसर के भीतर 4.87 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुए विभिन्न बुनियादी ढांचागत कार्यों का उद्घाटन भी किया।
आधुनिक कृषि शिक्षा से बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर
समारोह को संबोधित करते हुए कृषि मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के मार्गदर्शन में राज्य सरकार हर गांव और हर नागरिक तक अपनी पहुँच बना रही है। ‘सुशासन तिहार’ के जरिए प्रशासन सीधे जनता के द्वार पर जाकर उनकी समस्याओं का निपटारा कर रहा है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि रायगढ़ में बागवानी (उद्यानिकी) कॉलेज की शुरुआत यहाँ के युवाओं और किसानों के लिए एक मील का पत्थर साबित होगी। यह केंद्र आधुनिक खेती की पढ़ाई, नए शोध और तकनीकी ट्रेनिंग का मुख्य जरिया बनेगा, जिससे आने वाले समय में किसानों की आमदनी बढ़ेगी और खेती-किसानी का काम अधिक मुनाफे वाला बनेगा।
जैविक खेती और खाद की निगरानी पर विशेष ध्यान
मंत्री श्री नेताम ने किसानों से अपील की कि वे केमिकल वाले खादों की जगह गोबर खाद और जैविक उर्वरकों का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल करें, क्योंकि रासायनिक खादों से जमीन की उपजाऊ क्षमता कम हो रही है। उन्होंने किसानों को भरोसा दिलाया कि राज्य में खाद की कोई कमी नहीं है और कालाबाजारी करने वालों पर प्रशासन कड़ी नजर रख रहा है।
युवाओं के लिए खुलेंगे रोजगार के नए अवसर
इस मौके पर रायगढ़ के सांसद श्री राधेश्याम राठिया ने भी जनता को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की सरकारें मिलकर ग्रामीण विकास के लिए पूरी तरह समर्पित हैं। इस नए कॉलेज के खुलने से स्थानीय छात्र-छात्राओं को उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा और कृषि क्षेत्र में स्वरोजगार के नए रास्ते खुलेंगे।
इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगर निगम महापौर जीवर्धन चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष शिखा रविन्द्र गबेल, कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी, जिला पंचायत सीईओ अभिजीत बबन पठारे सहित कई स्थानीय जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
















