राज्यसभा चुनाव 2026 : 10 राज्यों की 24 सीटों पर 18 जून को मुकाबला, दो-तिहाई बहुमत की दहलीज पर NDA

नई दिल्ली (एजेंसी)। देश के 10 राज्यों की 24 राज्यसभा सीटों पर आगामी 18 जून को चुनावी मुकाबला होने जा रहा है। मतदान संपन्न होने के साथ ही उसी दिन परिणाम भी सामने आने की पूरी उम्मीद है। केंद्र में सत्तासीन राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) के लिए यह चुनाव रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण है। उच्च सदन (राज्यसभा) में पूर्ण वर्चस्व यानी दो-तिहाई बहुमत हासिल करने से एनडीए अब सिर्फ 15 कदम (सांसद) दूर है। ऐसे में हर किसी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि गठबंधन का नेतृत्व कर रही भारतीय जनता पार्टी (BJP) इस बार कितनी सीटें अपने पाले में कर पाती है।
उच्च सदन का समीकरण और जादुई आंकड़े की अहमियत
वर्तमान में 245 सदस्यों वाली राज्यसभा के भीतर एनडीए के पास कुल 148 सांसदों का बल है, जिसमें अकेले भाजपा के 113 सदस्य शामिल हैं। किसी भी बड़े संवैधानिक संशोधन विधेयक को बिना किसी अड़चन के पास कराने के लिए सरकार को दो-तिहाई बहुमत की दरकार होती है। इस ऐतिहासिक आंकड़े तक पहुँचने के लिए गठबंधन को 15 और सांसदों की जरूरत है। हालांकि राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस चुनावी दौर में इस आंकड़े को छूना एनडीए के लिए थोड़ा चुनौतीपूर्ण हो सकता है, लेकिन कई राज्यों में भाजपा की स्थिति मजबूत होने की पूरी संभावना है।
किस राज्य में कितनी सीटों पर है मुकाबला?
इस बार देश के अलग-अलग हिस्सों में 24 सीटों के साथ-साथ दो सीटों पर उपचुनाव के लिए भी वोट डाले जाएंगे। सीटों का राज्यवार विवरण इस प्रकार है:
4-4 सीटें: आंध्र प्रदेश, गुजरात और कर्नाटक
3-3 सीटें: मध्य प्रदेश और राजस्थान
2 सीटें: झारखंड
1-1 सीट: अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय और मिजोरम
प्रमुख राज्यों का जमीनी और सियासी गणित
गुजरात और आंध्र प्रदेश: NDA के लिए क्लीन स्वीप का मौका
गुजरात: 182 सदस्यीय विधानसभा में भाजपा के पास 161 विधायकों का प्रचंड बहुमत है। इस भारी संख्या के दम पर पार्टी को यहाँ की सभी 4 सीटों पर एकतरफा जीत मिलना तय माना जा रहा है।
आंध्र प्रदेश: यहाँ की 175 सीटों वाली विधानसभा में सत्तारूढ़ एनडीए (TDP: 135, जनसेना: 21, BJP: 8) के पास कुल 164 विधायकों का भारी समर्थन है। विपक्ष में मौजूद YSRCP के पास केवल 11 विधायक हैं, जिससे एनडीए यहाँ की चारों सीटें आसानी से जीत सकता है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश: भाजपा को बढ़त की उम्मीद
राजस्थान: 200 सदस्यों वाली विधानसभा में भाजपा के पास 115 और कांग्रेस के पास 69 विधायक हैं। इस दलीय स्थिति के अनुसार भाजपा के खाते में 2 और कांग्रेस के पाले में 1 सीट जाने की संभावना है।
मध्य प्रदेश: कुल 163 विधायकों के साथ मजबूत स्थिति में खड़ी भाजपा यहाँ 2 सीटों पर कब्जा जमा सकती है, जबकि 1 सीट मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हिस्से में आ सकती है।
कर्नाटक और झारखंड: कड़े मुकाबले के आसार
कर्नाटक: यहाँ एनडीए को 1 सीट पर पक्की जीत दिख रही है, जबकि कांग्रेस आसानी से 2 सीटें अपने नाम कर सकती है। चौथी सीट के लिए मुकाबला दिलचस्प होगा, जो विधायकों के क्रॉस-वोटिंग या रणनीतिक रुख पर निर्भर करेगा।
झारखंड: 81 सदस्यीय इस विधानसभा में ‘INDIA’ गठबंधन (56 विधायक) मजबूत स्थिति में है, जिससे दोनों सीटें उनके खाते में जाती दिख रही हैं। हालांकि, 24 विधायकों वाले एनडीए गठबंधन की नजरें सटीक रणनीति के जरिए 1 सीट पर सेंध लगाने पर टिकी हैं।
















