छत्तीसगढ़

बिलासपुर बनेगा युवाओं के सपनों का केंद्र : सीएम साय ने परखा अत्याधुनिक एजुकेशन हब का काम

रायपुर। सुशासन तिहार 2026 के विशेष मौके पर बिलासपुर पहुंचे छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने मधुबन-जूना बिलासपुर इलाके का दौरा किया। यहाँ उन्होंने तेजी से आकार ले रहे ‘नालंदा परिसर और एजुकेशन हब’ के निर्माण कार्यों की जमीनी हकीकत जानी। मुख्यमंत्री ने पूरे परिसर का बारीकी से मुआयना किया और वहां मौजूद प्रशासनिक अधिकारियों को स्पष्ट हिदायत दी कि काम की क्वालिटी (गुणवत्ता) से कोई समझौता न हो और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा किया जाए।

सीएम साय ने इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को राज्य के युवाओं के लिए एक बड़ा गेम-चेंजर बताया। उन्होंने कहा कि यह हब बिलासपुर को देश के नक्शे पर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के एक बड़े केंद्र के रूप में स्थापित करेगा, जिससे स्थानीय और बाहरी छात्रों के लिए सुनहरे अवसरों के नए रास्ते खुलेंगे।

वीआईपी और प्रशासनिक अमला रहा मौजूद

इस खास निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री के साथ केंद्रीय आवासन एवं शहरी कार्य राज्य मंत्री तोखन साहू, उप मुख्यमंत्री अरुण साव, विधायक अमर अग्रवाल, धरमलाल कौशिक और सुशांत शुक्ला भी मौजूद थे। इसके अलावा जिला पंचायत अध्यक्ष राजेश सूर्यवंशी, महापौर पूजा विधानी सहित प्रशासनिक महकमे से मुख्यमंत्री के सचिव पी. दयानंद, विशेष सचिव रजत बंसल, कमिश्नर सुनील जैन, आईजी रामगोपाल गर्ग, कलेक्टर संजय अग्रवाल और एसएसपी रजनेश सिंह जैसे कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि वहां उपस्थित रहे।

क्या है इस मेगा प्रोजेक्ट की खासियत?

बिलासपुर हमेशा से ही सीजीपीएससी, यूपीएससी, बैंकिंग, एसएससी, नीट और जेईई जैसी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्रों का पसंदीदा ठिकाना रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार करीब 13 एकड़ की सरकारी जमीन पर ₹120 करोड़ की लागत से इस आधुनिक एजुकेशन हब का निर्माण कर रही है।

इस कैंपस में छात्रों को एक ही छत के नीचे सारी सुविधाएँ मिलेंगी:

नालंदा डिजिटल पब्लिक लाइब्रेरी: जहाँ छात्र आधुनिक तकनीकों के साथ पढ़ाई कर सकेंगे।

सर्वसुविधायुक्त हॉस्टल्स: लड़कों और लड़कियों के लिए अलग-अलग 300-300 सीटों की क्षमता वाले सुरक्षित छात्रावास।

स्मार्ट एकेडमिक ब्लॉक: आधुनिक संसाधनों से लैस क्लासरूम और स्टडी एरिया।

यह एकीकृत मॉडल (Integrated Model) दूर-दराज के जिलों से आने वाले उन छात्रों के लिए बेहद मददगार साबित होगा जो रहने और पढ़ने के लिए एक सुरक्षित और बेहतर माहौल की तलाश में भटकते हैं।

आत्मनिर्भरता का अनूठा मॉडल (PPP)

प्रशासनिक अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को बताया कि इस परिसर में 48 बड़े रेंटल हॉल भी बनाए जा रहे हैं। इससे नगर निगम को हर महीने एक तय और लंबी अवधि की कमाई होगी। यह पूरा प्रोजेक्ट पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर चलाया जा रहा है, जिससे यह वित्तीय रूप से खुद का खर्च निकालने में सक्षम होगा और नगर निगम पर कोई अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा।

मुख्यमंत्री का विज़न: सपनों को मिलेगी नई उड़ान
निरीक्षण के अंत में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा:

“एक विकसित और सशक्त छत्तीसगढ़ की नींव सिर्फ और सिर्फ बेहतरीन शिक्षा से ही रखी जा सकती है। हमारी सरकार युवाओं को आधुनिक बुनियादी ढांचा और आगे बढ़ने के लिए एक कॉम्पिटिटिव (प्रतिस्पर्धी) माहौल देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। यह नालंदा परिसर केवल ईंट-पत्थरों की इमारत नहीं है, बल्कि यह हमारे युवाओं के सपनों और उनकी उम्मीदों को सच करने का एक बड़ा केंद्र है।”

उन्होंने उम्मीद जताई कि इस प्रोजेक्ट के पूरा होते ही बिलासपुर की चमक राष्ट्रीय स्तर पर बिखरने लगेगी और यह हजारों छात्र-छात्राओं के उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव रखेगा।

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