महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए मिली ₹19 करोड़ से अधिक की मदद

कोंडागांव। छत्तीसगढ़ के कोंडागांव जिले के बड़ेकनेरा गांव में आयोजित ‘सुशासन तिहार शिविर’ के दौरान एक बड़ा कदम उठाया गया है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से ‘बिहान’ योजना से जुड़ी महिलाओं को 19 करोड़ 32 लाख 76 हजार रुपये के चेक सौंपे। इस वित्तीय सहायता का मुख्य लक्ष्य महिलाओं के लिए आजीविका के नए साधन जुटाना और मौजूदा व्यवसायों को बढ़ाना है। इस मौके पर मुख्यमंत्री ने महिलाओं को बेहतर भविष्य और स्वावलंबन के लिए बधाई भी दी।
ऋण सहायता मिलने पर महिला समूहों की सदस्यों ने खुशी जाहिर करते हुए मुख्यमंत्री का धन्यवाद किया। यह पूरी प्रक्रिया जिला प्रशासन और जिला पंचायत की देखरेख में जिला मिशन प्रबंधन इकाई द्वारा चलाई जा रही है। यह राशि ‘लखपति पखवाड़ा अभियान’ के तहत महिलाओं की जरूरतों और मांगों को ध्यान में रखकर जारी की गई है।
क्या है लखपति पखवाड़ा अभियान?
केंद्र सरकार की ‘लखपति दीदी योजना’ के अंतर्गत इस अभियान को चलाया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण इलाकों की महिलाओं की आमदनी को बढ़ाना और उन्हें वित्तीय रूप से स्वतंत्र करना है। इसके तहत पहले महिलाओं की जरूरतों का सर्वे किया जाता है और फिर उन्हें खेती, पशुपालन या छोटे उद्योगों जैसे स्वरोजगार शुरू करने के लिए लोन दिया जाता है।
चार चरणों में पूरी हुई प्रक्रिया
इस अभियान को सुचारू रूप से चलाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर चार अलग-अलग चरणों का सहारा लिया गया:
मांग का संकलन: सबसे पहले समूह की महिलाओं से उनकी जरूरतों और काम की इच्छा के अनुसार आवेदन लिए गए।
संगठन स्तर पर मंजूरी: क्लस्टर (संकुल) स्तरीय संगठन ने इन मांगों की समीक्षा कर ग्राम संगठनों को फंड जारी किया।
ग्राम संगठन की भूमिका: इसके बाद ग्राम संगठनों ने यह पैसा संबंधित महिला समूहों तक पहुँचाया।
अंतिम वितरण: आखिरी चरण में समूहों द्वारा सीधे लाभार्थी महिलाओं को राशि बांट दी गई।
स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों के मुताबिक, इस मुहिम में उन महिलाओं को विशेष प्राथमिकता दी जा रही है जो पहली बार किसी व्यावसायिक गतिविधि से जुड़ रही हैं। इस प्रयास से न केवल ग्रामीण महिलाओं की माली हालत सुधरेगी, बल्कि वे तेजी से ‘लखपति दीदी’ बनने के सपने को साकार कर सकेंगी।
















