भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी : अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर की गृहमंत्री अमित शाह से अहम बातचीत

नई दिल्ली (एजेंसी)। भारत में नियुक्त अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से शिष्टाचार मुलाकात की। इस उच्च स्तरीय बैठक में दोनों देशों के बीच सुरक्षा और आपसी सहयोग से जुड़े कई गंभीर मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक के बाद अमेरिकी राजदूत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि गृहमंत्री शाह के साथ उनकी यह बातचीत बेहद सकारात्मक रही।
दोनों नेताओं के बीच मुख्य रूप से निम्नलिखित मुद्दों पर सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी:
आतंकवाद पर प्रहार: वैश्विक आतंकवाद के खिलाफ दोनों देश मिलकर रणनीति तैयार करेंगे।
नार्कोटिक्स और ड्रग्स पर लगाम: अपने नागरिकों को अवैध नशीले पदार्थों के जाल से बचाने के लिए आपसी सहयोग को मजबूत किया जाएगा।
सख्त सीमा सुरक्षा: दोनों देशों की सीमाओं को सुरक्षित करने के उपायों पर चर्चा हुई।
अपराधियों पर कड़ा रुख: कानून व्यवस्था को मजबूत करने और अपराधियों को सजा दिलाने के लिए दोनों देश मिलकर काम करेंगे।
जी-7 शिखर सम्मेलन के बाद बदली वैश्विक हलचल
यह बैठक इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि हाल ही में फ्रांस में आयोजित जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बीच एक बेहद सफल द्विपक्षीय बैठक हुई थी। अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर इस सम्मेलन के तुरंत बाद फ्रांस से भारत लौटे और गृहमंत्री से मुलाकात की।
पीएम मोदी और राष्ट्रपति ट्रंप की मुलाकात का जिक्र करते हुए राजदूत गोर ने कहा कि दोनों वैश्विक नेताओं के बीच व्यापार, क्षेत्रीय सुरक्षा और आर्थिक भागीदारी को और मजबूत करने को लेकर काफी उपयोगी चर्चा हुई है।
व्यापार, रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर विशेष जोर
भारत और अमेरिका के बीच रणनीतिक संबंध लगातार नई ऊंचाइयों को छू रहे हैं। इस सिलसिले में दोनों देशों ने व्यापार, ऊर्जा, रक्षा तकनीक और आपसी नागरिक संबंधों (पीपल-टू-पीपल कनेक्ट) में हो रही लगातार प्रगति की समीक्षा की।
इसके साथ ही, वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी ने दो बेहद अहम बातें रेखांकित कीं:
पश्चिम एशिया में शांति: भारत इस क्षेत्र में स्थिरता बहाल करने के प्रयासों का पुरजोर स्वागत करता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) की सुरक्षा: वैश्विक व्यापार को सुचारू रूप से चलाने के लिए इस समुद्री मार्ग का खुला रहना और वहां से गुजरने वाले आम लोगों व नाविकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।
















