साय कैबिनेट की बैठक में कई बड़े फैसले, अग्निवीरों को राज्य की सरकारी नौकरियों में मिलेगा 10% आरक्षण, किसानों के लिए नई उप-समिति गठित

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल की बैठक में राज्य के विकास और नागरिकों के हित से जुड़े कई प्रमुख प्रस्तावों पर सहमति बनी। इस बैठक में किसानों को खाद की सुगम आपूर्ति से लेकर पूर्व अग्निवीरों के पुनर्वसन तक के लिए महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
खाद की समस्या दूर करने के लिए बनी मंत्रियों की समिति
प्रदेश के किसानों को खरीफ और रबी की फसलों के दौरान समय पर रासायनिक खाद की आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने एक मंत्री-मंडलीय उप-समिति बनाने के प्रस्ताव को मंजूरी दी है। यह समिति उर्वरकों के वितरण, प्रबंधन और उपलब्धता की निगरानी करेगी तथा राज्य सरकार को जरूरी सुझाव देगी।
इस उप-समिति के अध्यक्ष उपमुख्यमंत्री (लोक निर्माण व नगरीय प्रशासन विभाग) होंगे। वहीं, कृषि मंत्री, सहकारिता मंत्री और वित्त मंत्री को इसके सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। कृषि उत्पादन आयुक्त इस समिति के संयोजक की भूमिका निभाएंगे और आवश्यकतानुसार विशेषज्ञों एवं अधिकारियों की सलाह ली जाएगी।
पूर्व अग्निवीरों को तृतीय श्रेणी के पदों पर 10% आरक्षण
सेना से सेवामुक्त हुए अग्निवीरों के भविष्य को सुरक्षित और सम्मानजनक बनाने के उद्देश्य से कैबिनेट ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य के पुलिस विभाग (आरक्षक पद), वन विभाग (वनरक्षक पद) और जेल विभाग (प्रहरी पद) की सीधी भर्तियों में अग्निवीरों को 10 प्रतिशत आरक्षण देने के लिए नए नियम ‘छत्तीसगढ़ अग्निवीर आरक्षण नियम-2026’ के प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई।
विधानसभा घोषणा पर लगी मुहर
यह ऐतिहासिक निर्णय मुख्यमंत्री द्वारा 26 जुलाई 2024 को विधानसभा में किए गए वादे के तहत लिया गया है। इस आरक्षण का फायदा केवल उन्हीं युवाओं को मिलेगा जिन्होंने भारतीय थल, नभ या जल सेना में अपनी 4 साल की सेवा पूरी की हो और उनके पास वैध डिस्चार्ज सर्टिफिकेट हो। सरकार का मानना है कि इस कदम से न केवल अग्निवीरों को रोजगार मिलेगा, बल्कि उनके सैन्य अनुशासन और अनुभव का सीधा फायदा राज्य के पुलिस, वन और जेल प्रशासन को भी होगा।
















