डिजिटल सुशासन की नई मिसाल : ‘सेवा सेतु’ ने आसान की शासकीय सेवाएँ, घर बैठे व्हाट्सएप पर मिला जाति प्रमाण पत्र

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की ‘सेवा सेतु पोर्टल’ पहल प्रदेश के नागरिकों के लिए प्रशासनिक सेवाओं को सरल, त्वरित और पारदर्शी बनाने में बेहद कारगर साबित हो रही है। इस एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से वर्तमान में आय, निवास और जाति प्रमाण पत्र समेत 441 से अधिक सरकारी सेवाएँ एक ही जगह उपलब्ध कराई जा रही हैं। इससे आम जनता को अब बार-बार शासकीय दफ्तरों के चक्कर काटने से मुक्ति मिल गई है।
जांजगीर-चांपा जिले के अकलतरा निवासी राजेंद्र कुमार सारथी का अनुभव इस नई व्यवस्था की सफलता को बखूबी दर्शाता है। उन्होंने अपने पारिवारिक सदस्य रोजल सारथी के स्थायी जाति प्रमाण पत्र के लिए ऑनलाइन आवेदन किया था, जो बिना किसी परेशानी के त्वरित रूप से स्वीकृत हो गया।
अपनी पुरानी यादें साझा करते हुए राजेंद्र सारथी ने बताया कि पहले जाति प्रमाण पत्र बनवाने में काफी मशक्कत करनी पड़ती थी। वंशावली के सत्यापन, पुराने रिकॉर्ड्स (मिसल) की अनुपलब्धता और दस्तावेजों के मिलान में महीनों लग जाते थे। परंतु ‘सेवा सेतु’ व्यवस्था के तहत नियम अनुसार परिवार के किसी सदस्य का वर्ष 2006 के बाद जारी प्रमाण पत्र संलग्न करने से प्रक्रिया बेहद सरल और तेज़ हो गई।
व्हाट्सएप पर मिला अप्रूवल और दस्तावेज
इस पारदर्शी प्रक्रिया की सबसे बड़ी खासियत यह रही कि आवेदन के हर स्टेप की जानकारी राजेंद्र जी को व्हाट्सएप पर मिलती रही। प्रमाण पत्र जारी होते ही उसकी डिजिटल कॉपी (PDF) सीधे उनके व्हाट्सएप पर भेज दी गई। इससे न केवल उनके समय और पैसों की बचत हुई, बल्कि उन्हें किसी कार्यालय में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित भी नहीं होना पड़ा।
राजेंद्र कुमार ने राज्य सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि लोक सेवा केंद्रों के ज़रिए अब निर्धारित शुल्क पर ये सेवाएँ आसानी से मिल रही हैं। सेवा सेतु पोर्टल ने शासकीय कार्यप्रणाली को जनता के बेहद करीब ला दिया है और नागरिकों का शासन पर भरोसा और मजबूत किया है।
















