पर्यावरण सहेजने और सामाजिक समरसता की मिसाल है कलश यात्रा : डॉ. मोहन यादव

आगर-मालवा में आयोजित वृहद धार्मिक यात्रा में मुख्यमंत्री ने वर्चुअली जुड़कर दिया स्वच्छता और जल-संरक्षण का संदेश
भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने धार्मिक आयोजनों को सामाजिक एकजुटता और प्रकृति संरक्षण का सशक्त माध्यम बताया है। आगर-मालवा में आयोजित एक विशाल कलश यात्रा को भोपाल स्थित ‘समत्व भवन’ से वर्चुअली संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन संस्कृति ‘वसुधैव कुटुंबकम’ की भावना पर आधारित है।
उन्होंने रेखांकित किया कि भारतीय परंपरा में जल को केवल संसाधन नहीं, बल्कि देवतुल्य माना गया है। ऐसे आयोजन हमें न केवल हमारी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ते हैं, बल्कि जल-संरक्षण और प्रकृति के प्रति अपने कर्तव्यों की याद भी दिलाते हैं।
नारी शक्ति और संस्कार: मुख्यमंत्री ने यात्रा में महिलाओं की भारी भागीदारी की सराहना करते हुए कहा कि हमारी सरकार महिलाओं के मान-सम्मान, सुरक्षा और स्वावलंबन के लिए निरंतर प्रयासरत है। ऐसे सांस्कृतिक आयोजन भावी पीढ़ी में नैतिक मूल्यों और संस्कारों का बीजारोपण करते हैं।
क्षेत्रीय विकास और सिंहस्थ 2028: डॉ. यादव ने आगर-मालवा के सर्वांगीण विकास, बुनियादी सुविधाओं (सड़क, बिजली, पानी) के विस्तार और रोजगार के नए अवसर पैदा करने की राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने बताया कि सिंहस्थ 2028 के दौरान राजस्थान से आने वाले श्रद्धालुओं का पहला स्वागत आगर जिला ही करेगा, जिसकी भव्य तैयारियां अभी से जारी हैं।
नागरिक संकल्प: मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर प्रदेशवासियों से स्वच्छता, सामाजिक सद्भाव, सेवा भावना और पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लेने का आग्रह किया।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय विधायक श्री मधु गहलोत ने क्षेत्रवासियों को सौगात देते हुए घोषणा की कि आगामी 4 महीनों के भीतर आगर-मालवा में जरूरतमंद परिवारों की कन्याओं के लिए एक भव्य निःशुल्क सामूहिक विवाह सम्मेलन का आयोजन किया जाएगा।
















