चीनी के दाम में तेजी के पीछे मौसम और जमाखोरी है मुख्य वजह, ISMA बोला- अगले साल तक पर्याप्त स्टॉक

नई दिल्ली (एजेंसी)। चीनी की बढ़ती कीमतों के बीच आम लोगों के लिए राहत की खबर है। इंडियन शुगर एंड बायो-एनर्जी मैन्युफैक्चरर्स एसोसिएशन (ISMA) के मुताबिक देश में चीनी की वास्तविक कमी नहीं है और मौजूदा स्टॉक पर्याप्त है। एसोसिएशन का अनुमान है कि अगले 7 दिनों में चीनी की कीमतों में नरमी शुरू हो सकती है।
हाल के दिनों में चीनी के दाम करीब 42 रुपए से बढ़कर 55 रुपए प्रति किलो तक पहुंच गए हैं। ISMA के अनुसार कीमतों में करीब 16% की तेजी आई है। हालांकि, संगठन का कहना है कि यह तेजी किसी बड़े सप्लाई संकट के कारण नहीं है। इसके पीछे बाजार का सेंटीमेंट, त्योहारों के दौरान बढ़ी मांग और बड़े खरीदारों की अतिरिक्त खरीद जैसे कारण हैं।
मौसम ने भी डाला उत्पादन पर असर
ISMA के मुताबिक खराब मौसम का असर गन्ने की पैदावार पर पड़ा है। महाराष्ट्र में ज्यादा क्रशिंग रेट और उत्तर प्रदेश में गन्ने की कुछ किस्मों से जुड़ी दिक्कतों ने भी बाजार को प्रभावित किया है। हालांकि, इन कारणों को संगठन चीनी की वास्तविक कमी नहीं मानता।
बड़े खरीदारों ने बढ़ाई खरीद, बना कृत्रिम कमी का माहौल
ISMA अध्यक्ष नीरज शिरगांवकर के मुताबिक त्योहारी सीजन शुरू होने के साथ चीनी की मांग बढ़ी है। वहीं, ब्राजील में सप्लाई की स्थिति ने भी अंतरराष्ट्रीय बाजार पर दबाव बढ़ाया है।
इसके अलावा बड़े खरीदारों ने हाल में अतिरिक्त चीनी खरीदकर स्टॉक बढ़ाना शुरू किया। इससे बाजार में नियमित सप्लाई का सर्कुलेशन प्रभावित हुआ और कृत्रिम कमी जैसा माहौल बना। ISMA का मानना है कि इसी अतिरिक्त खरीद ने कीमतों में तेजी को और बढ़ाया।
एथनॉल को जिम्मेदार नहीं मानता ISMA
चीनी की कीमतों में तेजी के लिए एथनॉल को जिम्मेदार ठहराए जाने पर भी ISMA ने असहमति जताई है। संगठन के मुताबिक 42 से 55 रुपए प्रति किलो तक की कीमत बढ़ने को चीनी की वास्तविक कमी से जोड़ना सही नहीं है। देश में मौजूदा स्टॉक अभी भी पर्याप्त स्तर पर है।
अगले साल के लिए भी 35 लाख टन स्टॉक
ISMA के अनुसार अगले साल करीब 35 लाख टन चीनी का ओपनिंग स्टॉक रहने की उम्मीद है। संगठन ने इसे पर्याप्त आपूर्ति का संकेत बताया है। ऐसे में फिलहाल देश में चीनी की उपलब्धता को लेकर किसी बड़े संकट की आशंका नहीं है।
ISMA की सलाह: घर के इस्तेमाल के लिए घबराकर जरूरत से ज्यादा चीनी जमा करने की जरूरत नहीं है। संगठन के मुताबिक मौजूदा तेजी मुख्य रूप से बाजार के सेंटीमेंट, त्योहारी मांग और बड़े खरीदारों की अतिरिक्त खरीद से जुड़ी है और आने वाले दिनों में कीमतों में नरमी आ सकती है।
















