छत्तीसगढ़

प्रधानमंत्री जनमन योजना : कबीरधाम में आवास के नाम पर 5.09 लाख की ठगी, उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा के निर्देश पर 2 ठेकेदारों पर FIR

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना (PM Awas Yojana) में किसी भी प्रकार के भ्रष्टाचार और लापरवाही के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने स्पष्ट कर दिया है कि गरीबों के हक के पैसे में हेराफेरी या पक्के मकान के निर्माण में किसी भी तरह की गड़बड़ी को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

विशेष रूप से वनांचल क्षेत्रों में रहने वाली विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए चल रही ‘प्रधानमंत्री जनमन योजना’ के क्रियान्वयन को लेकर सरकार बेहद गंभीर है। उप मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संकल्प हर जरूरतमंद को पक्का और सुरक्षित घर देना है। यदि कोई ठेकेदार या बिचौलिया हितग्राहियों की स्वीकृत राशि का दुरुपयोग करता है, तो उसके विरुद्ध सख्त से सख्त कानूनी कदम उठाए जाएंगे।

कबीरधाम में 9 बैगा हितग्राहियों से ठगी, दो थानों में केस दर्ज

इसी कड़ी में कबीरधाम जिले के बोड़ला विकासखंड से बैगा जनजाति के 9 हितग्राहियों से आवास निर्माण के नाम पर कुल 5 लाख 9 हजार रुपये हड़पने का गंभीर मामला सामने आया है। शिकायतों के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए दो अलग-अलग थानों में ठेकेदारों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है:

थाना चिल्फी (ग्राम पंचायत राजाढ़ार):

आरोपी ठेकेदार: कुमार मेरावी

मामला: राजाढ़ार गांव के 5 हितग्राहियों (देवसिंह, मंधोर बाई, पुसीया बाई, कौशिल्या बाई और ननकी बाई) से कुल 3.20 लाख रुपये लिए गए। लगभग डेढ़ साल बीत जाने के बाद भी न तो घर बनाया गया और न ही पैसे लौटाए गए।

कार्रवाई: लिखित शिकायत के आधार पर 14 अक्टूबर को भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत एफआईआर दर्ज की गई।

थाना तरेगांव जंगल (ग्राम पंचायत आमानारा):

आरोपी ठेकेदार: तुमेश गोड़

मामला: आमानारा पंचायत के 4 बैगा हितग्राहियों (बैसाखू बैगा, सुकोर बाई, सोनिया बाई और रनो बाई) से आवास निर्माण का झांसा देकर 1.89 लाख रुपये वसूले गए।

कार्रवाई: पीड़ितों की शिकायत पर 13 अक्टूबर को थाना तरेगांव जंगल में मामला दर्ज किया गया।

“गरीबों के सम्मान और अधिकारों से खिलवाड़ नहीं होगा”: विजय शर्मा

उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने कहा कि यह योजना केवल चार दीवारें खड़ी करने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह गरीब परिवारों को सामाजिक सुरक्षा, सम्मान और स्थायित्व प्रदान करने का जरिया है। उन्होंने दोहराया कि सरकार गरीबों के अधिकारों और सरकारी राशि के पारदर्शी इस्तेमाल को लेकर पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आवास निर्माण में बाधा डालने या लापरवाही बरतने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

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