अमरनाथ यात्रा 2026 : सुरक्षा के अभूतपूर्व इंतजाम, चप्पे-चप्पे पर रहेगी नजर

नई दिल्ली (एजेंसी)। आगामी अमरनाथ यात्रा को सुरक्षित और बाधारहित बनाने के लिए केंद्र सरकार ने इस बार सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए हैं। जुलाई के शुरुआत में होने वाली इस धार्मिक यात्रा की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने अर्धसैनिक बलों (CAPF) की करीब 670 कंपनियों को तैनात करने का निर्णय लिया है। इन सुरक्षाबलों की टुकड़ियों का जम्मू-कश्मीर पहुंचना भी प्रारंभ हो चुका है।
इस वर्ष सुरक्षा का दायरा बढ़ाते हुए लखनपुर के प्रवेश मार्ग से लेकर पवित्र अमरनाथ गुफा तक कड़े इंतजाम किए जा रहे हैं। पिछले साल की घटनाओं और सुरक्षा चुनौतियों को देखते हुए, 57 दिनों तक चलने वाली इस यात्रा के दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पिछले वर्षों के मुकाबले अधिक जवानों की तैनाती की गई है।
हाईवे से लेकर मुख्य गुफा तक त्रिस्तरीय सुरक्षा चक्र
केंद्रीय बलों को विशेष रूप से पठानकोट-जम्मू हाईवे, जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग और प्रमुख यात्री निवासों की सुरक्षा की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके साथ ही पहलगाम और बालटाल, दोनों ही मुख्य यात्रा मार्गों पर केंद्रीय बलों की मुस्तैदी रहेगी।
सुरक्षा व्यवस्था को तीन स्तरों पर बांटा गया है:
ऊपरी इलाके और मुख्य गुफा: यहाँ की सुरक्षा की कमान भारतीय सेना के जवान संभालेंगे।
यात्रा मार्ग और हाईवे: इन क्षेत्रों में केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की तैनाती रहेगी।
स्थानीय चौकसी: जम्मू और कश्मीर संभागों में स्थानीय पुलिस कानून-व्यवस्था और आंतरिक सुरक्षा में मुख्य भूमिका निभाएगी।
हाई-टेक निगरानी और कड़े नियम
इस बार सुरक्षा व्यवस्था में आधुनिक तकनीक का बड़े पैमाने पर सहयोग लिया जा रहा है। पूरे यात्रा मार्ग पर हाई-डेफिनिशन (HD) सीसीटीवी कैमरे लगाए जा रहे हैं और नई सुरक्षा चुनौतियों से निपटने के लिए स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसीजर (SOP) को भी अपडेट किया गया है।
सुरक्षा को पुख्ता करने के लिए स्थानीय सेवा प्रदाताओं जैसे पोनीवालों (घोड़ा संचालक) और पिट्ठुओं का गहन बैकग्राउंड वेरिफिकेशन किया जा रहा है और उन्हें विशेष पहचान पत्र जारी किए जा रहे हैं।
















