छत्तीसगढ़

पीएम आवास योजना से संवरा अनीता का आशियाना, मुख्यमंत्री से साझा की अपनी खुशी

बलौदाबाजार। प्रधानमंत्री आवास योजना आज देश के गरीब और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक वरदान साबित हो रही है। इस योजना ने न केवल लोगों को सिर छिपाने के लिए छत दी है, बल्कि उनके जीवन में सम्मान और सुरक्षा का एक नया सवेरा भी लाया है।

हाल ही में बलौदाबाजार जिले के करहीबाजार में ‘सुशासन तिहार’ के तहत एक विशेष समाधान शिविर का आयोजन किया गया था। इस शिविर में छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने योजना की एक लाभार्थी श्रीमती अनीता निषाद से आत्मीय बातचीत की। आपको बता दें कि यह पक्का मकान अनीता की सास, श्रीमती सुकलहीन निषाद के नाम पर मंजूर हुआ है।

आंगनबाड़ी से पक्के मकान तक का सफर

मुख्यमंत्री से बात करते हुए अनीता निषाद भावुक हो गईं। उन्होंने अपने पुराने दिनों को याद करते हुए बताया कि पहले उनका पूरा परिवार एक कच्चे और जर्जर मकान में रहने को मजबूर था। एक वक्त ऐसा आया जब भारी बारिश और खराब मौसम की वजह से उनका आशियाना पूरी तरह ढह गया। बेघर होने के बाद उनके पास रहने की कोई जगह नहीं बची थी, जिसके कारण पूरे परिवार को काफी समय तक स्थानीय आंगनबाड़ी केंद्र में शरण लेनी पड़ी। उस दौर में परिवार के सामने गहरा संकट खड़ा हो गया था।

अनीता ने आगे कहा: “प्रधानमंत्री आवास योजना ने हमारे बुरे दिनों को खत्म कर दिया है। पक्का मकान मिलने के बाद अब हम सब एक सुरक्षित और सम्मानजनक जिंदगी जी रहे हैं। अब न तो हमें बारिश का डर सताता है और न ही मौसम की चिंता रहती है। हमारे बच्चों को भी अब पढ़ाई-लिखाई के लिए एक सुरक्षित माहौल मिल गया है।”

सरकार का जताया आभार

इस बड़ी राहत के लिए अनीता निषाद ने मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और सरकार का दिल से धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि इस योजना ने उनके बिखरते हुए परिवार को न सिर्फ एक नई छत दी है, बल्कि जीने की नई उम्मीद भी जगाई है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री श्री साय ने अपनी प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य हर उस परिवार तक पक्का मकान पहुंचाना है जिसे इसकी सबसे ज्यादा जरूरत है। सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए लगातार काम कर रही है कि प्रदेश का कोई भी नागरिक असुरक्षित या कच्चे मकानों में रहने के लिए मजबूर न हो।

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