छत्तीसगढ़

छत्तीसगढ़ में नीली क्रांति : मछुआरा समुदाय की तरक्की के लिए सरकार ने कसी कमर

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार राज्य के मछुआरा समाज के आर्थिक और सामाजिक विकास के लिए पूरी संवेदनशीलता के साथ कदम उठा रही है। राजधानी रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित राष्ट्रीय मछुआरा संघ के एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने समाज के नव-निर्वाचित पदाधिकारियों को शुभकामनाएं दीं और उन्हें सामाजिक कल्याण के कार्यों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने के लिए प्रेरित किया। इस मौके पर उन्होंने मछुआरा कल्याण बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष स्वर्गीय भरत लाल मटियारा के योगदान को भी याद किया।

विकास के लिए बड़े कदम और योजनाएं

मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मत्स्य पालन के क्षेत्र में चल रही कई महत्वपूर्ण योजनाओं और उपलब्धियों को साझा किया:

हसदेव-बांगो एक्वा पार्क: हसदेव-बांगो जलाशय में ₹37 करोड़ के निवेश से एक आधुनिक एक्वा पार्क का निर्माण किया जा रहा है। इससे मछली उत्पादन, प्रोसेसिंग, एक्सपोर्ट और पर्यटन को नई दिशा मिलेगी।

वैज्ञानिक तकनीक से पालन: दुधवा जलाशय में आधुनिक और वैज्ञानिक तरीकों से तिलापिया और पंगास जैसी मछलियों का पालन शुरू किया गया है।

सुरक्षा कवच और सम्मान: मत्स्य सहकारी समितियों से जुड़े सदस्यों को ₹5 लाख का मुफ्त दुर्घटना बीमा दिया जा रहा है। इसके साथ ही बेहतर काम करने वाले पशुपालकों को राज्योत्सव के दौरान ‘बिलासा देवी केंवट सम्मान’ से नवाजा जाता है।

गंगरेल डूबान क्षेत्र में राहत: इस क्षेत्र की समिति के लिए पुरानी ठेका प्रथा को खत्म कर दिया गया है, जिससे स्थानीय लोगों को फिर से मछली पालन का सीधा अधिकार मिल सका है।

विज़न 2047: देश को विकसित बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संकल्प के साथ कदम मिलाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार ने भी अपना ‘विज़न डॉक्यूमेंट 2047’ तैयार किया है, जिसके तहत समाज के अंतिम व्यक्ति तक लाभ पहुँचाना सरकार की प्राथमिकता है। मुख्यमंत्री ने जल्द ही ‘मुख्यमंत्री हेल्पलाइन’ शुरू करने की भी बात कही।

शिक्षा और सामाजिक सुधार पर ज़ोर

कार्यक्रम में मौजूद कृषि मंत्री श्री रामविचार नेताम ने कहा कि राज्य में मछली पालन की अपार संभावनाएं हैं और अधिकारियों को इस काम में किसी भी तरह की लापरवाही न बरतने की चेतावनी दी गई है।

वहीं, राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति ने मछुआरा समाज के लोगों से शिक्षा को अपनाने, नशामुक्त जीवन जीने और आगामी जनगणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की, ताकि समाज अपने अधिकारों के प्रति जागरूक हो सके। इस गरिमामयी कार्यक्रम में राष्ट्रीय मछुआरा संघ की अध्यक्ष श्रीमती गायत्री गायग्वाल सहित कई जन-प्रतिनिधि और समाज के लोग बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

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