बीएसपी स्क्रैप घोटाला : सीआईएसएफ के 7 जवान गाज की ज़द में, प्लांट सुरक्षा पर खड़े हुए बड़े सवाल

दुर्ग। भिलाई स्टील प्लांट (BSP) में हुए करोड़ों रुपये के बहुचर्चित लोहा स्क्रैप और ऑस्ट्रेलियन कोक चोरी मामले में जांच की आंच अब सुरक्षा बलों तक पहुंच गई है। सुरक्षा में बड़ी चूक सामने आने के बाद केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) ने कड़ी कार्रवाई करते हुए अपने सात जवानों को तुरंत प्रभाव से सस्पेंड कर दिया है।
संगठित सिंडिकेट पर कसता शिकंजा
स्थानीय सीआईएसएफ सूत्रों के मुताबिक, सात जवानों के निलंबन की पुष्टि हो चुकी है। हालांकि, इस विषय पर अब तक कोई औपचारिक बयान जारी नहीं किया गया है। माना जा रहा है कि यह कदम हाल ही में उजागर हुए संगठित चोरी सिंडिकेट की चल रही जांच के आधार पर उठाया गया है।
प्रबंधन के वरिष्ठ अधिकारियों पर भी हो चुकी है कार्रवाई
करोड़ों के इस घोटाले की शुरुआत में भिलाई स्टील प्लांट प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच बैठाई थी। जांच में सुरक्षा और निगरानी तंत्र की भारी खामियां उजागर होने पर प्रबंधन ने महाप्रबंधक (GM) हिमांशु भूषण मलिक, इंजीनियर एसोसिएट मनोज कुमार देवांगन और गैर-कार्यकारी कर्मचारी धनंजय वर्मा को निलंबित कर दिया था।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई, जांच का दायरा बढ़ा
विभागीय जांच रिपोर्ट के आधार पर दुर्ग पुलिस ने तुरंत एक्शन लेते हुए जीएम हिमांशु भूषण मलिक और इंजीनियर मनोज कुमार देवांगन को गिरफ्तार कर अदालत के माध्यम से जेल भेज दिया है।
सीआईएसएफ जवानों के निलंबन के बाद अब इस पूरे नेटवर्क की जांच और तेज होने के आसार हैं। पुलिस, संयंत्र प्रबंधन और जांच एजेंसियां संयुक्त रूप से इस गिरोह के अंतिम छोर तक पहुंचने की कोशिश में जुटी हैं, ताकि इस चोरी में शामिल हर दोषी पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके।
















