बुनियादी नागरिक सुविधाओं और विकास परियोजनाओं की समयबद्ध पूर्ति पर मुख्यमंत्री का सख्त रुख

रायपुर। रायपुर में आयोजित नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अधिकारियों को शहरी बुनियादी ढांचे, सफाई, शुद्ध पेयजल और सार्वजनिक परिवहन सेवाओं में सुधार लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि अधोसंरचना विकास का वास्तविक लाभ आम नागरिकों तक तय समय-सीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पहुँचना अनिवार्य है।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु:
नालंदा परिसर व पठन सुविधाएं: युवाओं के लिए राज्य के 38 निकायों में सेंट्रल लाइब्रेरी-कम-रीडिंग ज़ोन का निर्माण मंजूर किया गया है, जिनमें से 31 पर काम जारी है। मुख्यमंत्री ने रायपुर समेत अन्य परिसरों को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए।
यातायात व ‘आदर्श शहर समृद्ध योजना’: 14 नगर निगमों में सड़कों के चौड़ीकरण, फ्लाईओवर और बाईपास के निर्माण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। वहीं, 32 निकायों के संतुलित विकास के लिए वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट में 200 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
पर्यावरण व ‘स्वच्छ वायु सर्वेक्षण 2026’: 10 लाख से अधिक आबादी वाली श्रेणी में देश भर में छठा स्थान हासिल करने पर रायपुर नगर निगम की सराहना की गई। अपशिष्ट प्रबंधन को मजबूत करने के लिए हर निकाय में वेस्ट प्रोसेसिंग प्लांट स्थापित करने और बड़े पैमाने पर पौधारोपण के निर्देश दिए गए।
हरित ईंधन व सीबीजी प्लांट: स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने के लिए राज्य के 8 निकायों में करीब 800 करोड़ रुपये की लागत से कम्प्रेस्ड बायो गैस (सीबीजी) प्लांट स्थापित किए जा रहे हैं।
सार्वजनिक परिवहन व ई-बसों का संचालन: रायपुर, बिलासपुर, दुर्ग और कोरबा में 240 ई-बसों का संचालन शुरू करने की तैयारी है। इसके लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा मार्च 2027 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
अमृत मिशन 2.0 पर नाराजगी: पेयजल योजनाओं की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को मिशन मोड में काम पूरा करने और शत-प्रतिशत पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित करने के आदेश दिए।
आवास योजना व शिकायत निवारण: ‘प्रधानमंत्री आवास योजना-शहरी’ के तहत पात्र परिवारों को त्वरित मकान आवंटित करने और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में आई शिकायतों का संवेदनशीलता के साथ तत्काल समाधान करने का निर्देश दिया गया।
















