झाड़ू के बंडल में छिपाकर ले जाया जा रहा था ₹4 करोड़ से अधिक का गांजा, 6 महिलाएँ और ड्राइवर धरे गए

रायपुर। छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले से नशीले पदार्थों की तस्करी का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। स्थानीय ग्रामीणों की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई के चलते भारी मात्रा में अवैध गांजा जब्त किया गया है। जयनगर थाना अंतर्गत सिलफिली क्षेत्र में पुलिस ने घेराबंदी करके एक बस को रोका, जिसमें छिपाकर तस्करी की जा रही थी।
इस मामले में पुलिस ने बस के ड्राइवर सहित 6 महिला आरोपियों को हिरासत में लिया है। चौंकाने वाली बात यह है कि पुलिस की नजरों से बचने के लिए ये महिलाएँ अपने साथ 4 छोटे बच्चों को भी रखे हुए थीं, ताकि किसी को शक न हो।
830 किलो मादक पदार्थ और बस जब्त
बरामदगी का विवरण:
मात्रा: 8 क्विंटल 30 किलोग्राम (830 किलो) गांजा
अनुमानित कीमत: लगभग 4 करोड़ 15 लाख रुपये
जब्ती: मादक पदार्थ के साथ-साथ तस्करी में इस्तेमाल हो रही लग्जरी बस को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
इस तरह झांसा देने की थी साजिश
पुलिस को जांच में पता चला कि सरगुजा पासिंग की इस बस के जरिए गांजे की खेप को झाड़ू के बंडलों के बीच बेहद शातिर तरीके से छिपाया गया था। इस अवैध माल को मध्य प्रदेश के कटनी जिले में खपाने की योजना थी।
बस में झाड़ू बेचने का नाटक कर रहे एक पुरुष और महिला की हरकतें संदिग्ध लगने पर पुलिस का शक गहराया। जैसे ही पुलिस ने गाड़ी की तलाशी शुरू की, कुछ संदिग्ध लोग मौके का फायदा उठाकर भाग निकले।
करीब 19 अन्य फरार आरोपियों की खोज तेज
इस बड़े ड्रग नेटवर्क से जुड़े 18 से 19 अन्य आरोपी फिलहाल पुलिस की पकड़ से बाहर हैं। फरार संदिग्धों को दबोचने के लिए पुलिस ने विशेष टीमों का गठन किया है, जो अलग-अलग ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही हैं।
स्थानीय जनता की सजगता के कारण नशे के इस काले कारोबार का पर्दाफाश हो सका है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पूरे सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए जांच जारी है और जल्द ही बाकी बचे आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
















