गो सम्मान अभियान : 15 करोड़ से अधिक हस्ताक्षरों के साथ राष्ट्रपति व प्रधानमंत्री को ज्ञापन प्रेषित

गोहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध और ‘राष्ट्रमाता’ के दर्जे सहित 30 से अधिक प्रमुख माँगें
रायपुर। ‘गो सम्मान आह्वान अभियान’ के दूसरे चरण के अंतर्गत देशव्यापी स्तर पर एक विशाल जन-अभियान चलाया गया। सोमवार को रायपुर सहित देश के सभी जिला मुख्यालयों में जिलाधीशों (कलेक्टरों) के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, संबंधित राज्यों के राज्यपाल और मुख्यमंत्रियों को ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन के ज़रिए गोहत्या पर पूर्ण रूप से रोक लगाने, गोमाता को ‘राष्ट्रमाता’ का दर्जा देने और पृथक ‘केंद्रीय गो मंत्रालय’ का गठन करने जैसी 30 से अधिक प्रमुख माँगें उठाई गईं।
रायपुर और छत्तीसगढ़ का महत्वपूर्ण योगदान
इस व्यापक अभियान के दौरान छत्तीसगढ़ से 80 लाख से अधिक और पूरे देश से 15 करोड़ से भी ज़्यादा नागरिकों का समर्थन (हस्ताक्षर) जुटाया गया। अकेले रायपुर जिले से ही 3,87,225 लोगों के हस्ताक्षरों से युक्त ज्ञापन कलेक्टर को सौंपा गया।
महायज्ञ, पूजन और भव्य ‘प्रार्थना यात्रा’ का आयोजन
कार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक महायज्ञ, गोमाता पूजन, शंखध्वनि और “श्री राम जय राम जय जय राम” विजय मंत्र के सामूहिक जाप के साथ भक्तिमय वातावरण में हुआ।
इसके पश्चात पुरानी बस्ती स्थित प्रसिद्ध राजराजेश्वरी माँ महामाया मंदिर से एक विशाल प्रार्थना यात्रा की शुरुआत हुई। यह यात्रा इंडोर स्टेडियम और नगर निगम मार्ग से होती हुई मोतीबाग पहुँची। यात्रा में पूज्य संत-महात्मा, गोसेवक, गोपालक, युवा वर्ग, महिलाएँ तथा विभिन्न धार्मिक एवं सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में सम्मिलित हुए।
संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार है गोमाता
अभियान से जुड़े प्रतिनिधियों ने स्पष्ट किया कि गोमाता न केवल भारतीय संस्कृति की प्रतीक हैं, बल्कि देश की कृषि, पर्यावरण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का मुख्य स्तंभ भी हैं। उन्होंने केंद्र व राज्य सरकारों से ज्ञापन में शामिल सभी माँगों पर शीघ्र अति शीघ्र सकारात्मक और ठोस कदम उठाने का आग्रह किया।
















