खरीफ सीजन : दुर्ग संभाग में खाद-बीज की सुचारू आपूर्ति और नशामुक्ति अभियान पर विशेष जोर

रायपुर। दुर्ग संभाग के कमिश्नर श्री एस.एन. राठौर ने आगामी खरीफ सीजन के मद्देनजर कृषि विभाग के अफसरों को सख्त हिदायत दी है कि संभाग के अंतर्गत आने वाले किसी भी जिले में किसानों को खाद या उन्नत बीजों की किल्लत का सामना न करना पड़े। उन्होंने न केवल कृषि इनपुट्स की समय पर डिलीवरी सुनिश्चित करने की बात कही, बल्कि किसानों की काउंसिलिंग और ट्रेनिंग प्रोग्राम्स को भी तेज करने के निर्देश दिए। यह निर्देश उन्होंने मंगलवार को आयोजित विभिन्न विभागों की एक उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान दिए।
संभाग में उर्वरक और बीज के मौजूदा आंकड़े
कृषि विभाग के संयुक्त संचालक ने बैठक में स्पष्ट किया कि संभाग में खाद और बीजों का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। वर्तमान में लक्ष्य के मुकाबले आपूर्ति की स्थिति कुछ इस प्रकार है:
उर्वरक/सामग्री,उपलब्धता (लक्ष्य के मुकाबले)
यूरिया,92%
एसएसपी (SSP),114%
एमओपी (MOP),98%
एनपीके (NPK),88%
डीएपी (DAP),40%
इसके अलावा, आधुनिक खेती को बढ़ावा देने के लिए किसानों को अब तक 61,736 बोतल नैनो यूरिया और 48,322 बोतल नैनो डीएपी बांटी जा चुकी है। बीज भंडारण की बात करें तो कुल 1.08 लाख क्विंटल से अधिक का स्टॉक तैयार किया गया था, जिसमें से 98 हजार क्विंटल से ज्यादा का वितरण किया जा चुका है।
शिक्षण संस्थानों में चलेगा नशामुक्ति अभियान
बैठक में सामाजिक सरोकारों और सुरक्षा व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। संभागायुक्त ने पुलिस, शिक्षा और कॉलेज प्रशासन को मिलकर युवाओं के बीच बड़े पैमाने पर नशामुक्ति जागरूकता रैलियां और कार्यक्रम आयोजित करने को कहा।
विशेष निर्देश: नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और इस्तेमाल की गुप्त शिकायत दर्ज कराने के लिए पुलिस के टोल-फ्री नंबर 1933 को सभी स्कूल-कॉलेजों के मुख्य द्वारों पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए।
अन्य प्रमुख फैसले
पेंशन मामलों का निपटारा: सभी विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि रिटायर्ड कर्मचारियों के लंबित पेंशन और ग्रेच्युटी के मामलों को बिना किसी देरी के जल्द से जल्द सुलझाया जाए।
विकास कार्यों को गति: संभाग में चल रहे विभिन्न निर्माण और इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स को समय सीमा के भीतर पूरा करने के लिए रफ्तार बढ़ाने की बात कही गई।
















