त्यौहारों से पहले रसोई का बजट बिगड़ा : चावल ₹20 तक महँगा, सरसों व राइस ब्रान तेल की कीमतों में भी भारी उछाल

रायपुर। आगामी त्यौहारों के आगमन से ठीक पहले आम जनता पर महंगाई की चौतरफा मार पड़ी है। रसोई में रोज़ाना इस्तेमाल होने वाले चावल, गेहूँ और खाने के तेल की कीमतों में अचानक तेजी देखने को मिल रही है। बाज़ार में अलग-अलग किस्मों के चावल 5 रुपये से लेकर 20 रुपये प्रति किलो तक महंगे हो गए हैं, वहीं खाने के तेलों में राइस ब्रान और सरसों तेल के दाम भी बेकाबू होते नजर आ रहे हैं।
राइस ब्रान तेल हुआ सोयाबीन से भी महंगा
खाद्य तेल बाज़ार की बात करें तो राइस ब्रान तेल के दामों में अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। स्थिति यह है कि अब राइस ब्रान तेल सोयाबीन तेल को पछाड़कर उससे भी महँगा बिक रहा है।
राइस ब्रान तेल: 800 ग्राम का पाउच अब ₹125 से बढ़कर ₹130 हो गया है, जिससे इसका प्रति लीटर औसत भाव लगभग ₹163 बैठ रहा है।
सोयाबीन तेल: वर्तमान में इसका भाव ₹155 प्रति लीटर है।
सरसों तेल: सरसों का तेल एक बार फिर दोहरा शतक पार कर चुका है। थोक बाज़ार में यह ₹194 और चिल्हर (रिटेल) में ₹205 प्रति लीटर तक पहुँच गया है।
मध्य प्रदेश और दक्षिण भारत से आने वाले चावलों की आवक महंगी
स्थानीय बाज़ार में मुख्य रूप से दक्षिण भारत और मध्य प्रदेश से आने वाले पतले चावलों की माँग सबसे अधिक रहती है। व्यापारियों के अनुसार, उत्पादकों और कारोबारियों के सिंडिकेट द्वारा कीमतों में मनमाना इजाफा किया जा रहा है, जिससे मोटे और पतले दोनों प्रकार के चावल महंगे हो गए हैं।
गेहूँ: गेहूँ की कीमतों में भी ₹5 प्रति किलो तक की वृद्धि दर्ज की गई है।
काली मूंछ (सिवनी, म.प्र.): दो महीनों के भीतर इसके थोक भाव ₹4,500 प्रति क्विंटल से बढ़कर ₹6,000 हो गए हैं। रिटेल में यह ₹65 प्रति किलो बिक रहा है।
प्रमुख चावल किस्मों के नए व पुराने रेट (प्रति किलो)
चावल की किस्म,पुराना थोक भाव (₹),नया थोक भाव (₹),नया चिल्हर/रिटेल भाव (₹)
एचएमटी (HMT),45 – 48,58,62 – 65
अब्बा हुजूर,57,73 – 74,80
जय श्री राम,50 – 55,70 – 75,75 – 80
जवां फूल,90,115,-
कारोबारियों का नजरिया: त्यौहारों के नज़दीक आते ही किराना और किचन के सामानों में मुनाफाखोरी बढ़ जाती है। आपूर्ति शृंखला में ऊपर से नीचे तक बने सिंडिकेट के कारण बिना किसी ठोस वजह के भी आम उपभोक्ताओं की जेब ढीली हो रही है।
















