छत्तीसगढ़ में रसोई गैस की कीमतों में उछाल : घरेलू सिलेंडर ₹29 और महंगा, जानें अपने शहर का नया दाम

रायपुर। आम जनता की जेब पर एक बार फिर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। छत्तीसगढ़ में घरेलू रसोई गैस (LPG) उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और बड़ा झटका लगा है। तेल और गैस कंपनियों ने 14.2 किलोग्राम वाले रसोई गैस सिलेंडर के दामों में ₹29 की बढ़ोतरी कर दी है। इस ताजा वृद्धि के बाद राज्य के अधिकांश हिस्सों में गैस सिलेंडर की कीमत ₹1,000 की सीमा को पार कर गई है। बढ़ी हुई ये दरें तत्काल प्रभाव से लागू कर दी गई हैं। आपको बता दें कि बीते तीन महीनों के भीतर आम उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस महंगी होने का यह दूसरा मामला है।
तीन महीनों में दूसरी बार बढ़े दाम
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जारी भू-राजनीतिक तनाव, विशेषकर मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रही उथल-पुथल का सीधा असर अब आम भारतीय रसोई के बजट पर दिखने लगा है। वैश्विक बाजार में कच्चे तेल और गैस की कीमतों में आई तेजी की वजह से कंपनियों ने यह फैसला लिया है। इससे पहले, इसी साल 7 मार्च को गैस कंपनियों ने प्रति सिलेंडर ₹60 की बढ़ोतरी की थी। इस तरह देखा जाए तो पिछले तीन महीनों के भीतर ही घरेलू गैस सिलेंडर के दाम कुल ₹89 तक बढ़ चुके हैं।
क्यों महंगी हुई रसोई गैस?
दामों में हुए इस बदलाव के बाद छत्तीसगढ़ में घरेलू गैस सिलेंडर की कीमत ₹984 से बढ़कर ₹1,030 के स्तर पर पहुंच गई है। सार्वजनिक क्षेत्र की पेट्रोलियम कंपनियों का तर्क है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में एलपीजी की लागत लगातार बढ़ रही थी, जबकि देश के भीतर इसे पुरानी दरों पर ही बेचा जा रहा था। इस अंतर के कारण सरकारी तेल कंपनियों को सब्सिडी वाले घरेलू सिलेंडर बेचने पर लगातार बड़ा वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसकी भरपाई के लिए यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था।
छत्तीसगढ़ के प्रमुख शहरों में आज के भाव
वेबसाइट ‘गुड रिटर्न्स’ के आंकड़ों के अनुसार, छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जिलों में परिवहन लागत और स्थानीय टैक्स की वजह से कीमतें थोड़ी भिन्न हैं:
जिला / शहर,सिलेंडर की अनुमानित नई कीमत (14.2 किग्रा)
“दुर्ग, जांजगीर और बेमेतरा”,”₹1,030.50 (राज्य में सबसे महंगा)”
बिलासपुर,”₹1,030.00″
रायपुर,”₹1,013.00″
बस्तर,₹966.50 (राज्य में सबसे सस्ता)
इस प्रकार बस्तर जिला छत्तीसगढ़ का वह इलाका है जहाँ फिलहाल गैस सिलेंडर के दाम सबसे कम बने हुए हैं, जबकि दुर्ग और जांजगीर जैसे जिलों के निवासियों को सबसे ज्यादा कीमत चुकानी पड़ रही है।
















