छत्तीसगढ़

महतारी वंदन योजना : सुंदरी नेताम की आत्मनिर्भरता की नई उड़ान

रायपुर। छत्तीसगढ़ सरकार की जनहितैषी योजनाओं और मजबूत इरादों के मेल ने आम नागरिकों की जिंदगी को बदलना शुरू कर दिया है। इसका एक बेहतरीन उदाहरण नारायणपुर जिले के सुदूर वनांचल ग्राम गारपा की रहने वाली गृहणी श्रीमती सुंदरी नेताम हैं। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय द्वारा शुरू की गई ‘महतारी वंदन योजना’ ने सुंदरी को न केवल वित्तीय रूप से सशक्त बनाया है, बल्कि उनके भीतर एक नया हौसला भी भरा है। अब उन्हें अपने घर-परिवार की बुनियादी जरूरतों के लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ता।

आर्थिक तंगहाली से खुशहाली का नया दौर

एक आम गृहणी के तौर पर सुंदरी नेताम के लिए सीमित आय में घर चलाना और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई का जिम्मा उठाना बेहद मुश्किल भरा था। पैसों की कमी के कारण अक्सर उन्हें अपनी खुशियों और जरूरतों का गला घोंटना पड़ता था। लेकिन इस कल्याणकारी योजना के आने से उनके जीवन में बड़ा सकारात्मक बदलाव आया है।

अपनी आपबीती साझा करते हुए सुंदरी बताती हैं:

“पहले बच्चों की शिक्षा और घरेलू खर्चों को लेकर मन में हमेशा एक डर और चिंता बनी रहती थी। मगर अब हर महीने की पहली तारीख को जैसे ही मोबाइल पर 1,000 रुपये आने का मैसेज मिलता है, दिल को बड़ी राहत मिलती है। अब मैं बिना किसी हिचकिचाहट के बच्चों के लिए किताबें, यूनिफॉर्म और राशन का सामान ले आती हूँ।”

लाडली के कल को संवारने की अनूठी पहल

सुंदरी इस सरकारी मदद का उपयोग सिर्फ आज की जरूरतें पूरी करने के लिए नहीं कर रहीं, बल्कि वे अपनी बेटी के सुनहरे भविष्य की नींव भी रख रही हैं। उन्होंने इस मासिक सहायता राशि में से कुछ पैसे बचाकर अपनी बेटी के नाम पर ‘सुकन्या समृद्धि योजना’ में निवेश करना शुरू कर दिया है।

भावुक मन से मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय को धन्यवाद देते हुए वे कहती हैं कि यह योजना प्रदेश के लाखों मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है, जिसने उनके बच्चों के भविष्य को सुरक्षा कवच दिया है।

छत्तीसगढ़ में महिला उत्थान का नया अध्याय

‘महतारी वंदन योजना’ सिर्फ एक नकद सहायता कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह महिलाओं के सामाजिक स्तर, स्वास्थ्य और पोषण में सुधार लाने का एक बड़ा जरिया बन चुकी है। यह योजना आज छत्तीसगढ़ की महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बना रही है।

योजना के राज्य स्तरीय आंकड़े:

कुल लाभार्थी महिलाएँ: 70 लाख से अधिक

मासिक बजटीय आवंटन: 700 करोड़ रुपये से ज्यादा (सीधे बैंक खातों में)

नारायणपुर जिले की जमीनी हकीकत

नारायणपुर जिले में भी इस योजना का असर साफ तौर पर देखा जा सकता है। यहाँ की 27 हजार से अधिक महिलाओं के खातों में हर महीने 2 करोड़ 78 लाख रुपये से अधिक की राशि भेजी जा रही है।

इस योजना की सबसे बड़ी खूबी इसका दायरा है। जिले के कुल लाभार्थियों में 3,687 महिलाएँ विशेष रूप से पिछड़ी जनजाति वर्ग से आती हैं, जिन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्राथमिकता दी गई है। ये आंकड़े इस बात का सबूत हैं कि विकास की किरणें अब समाज के अंतिम पायदान पर खड़ी महिलाओं तक पहुँच रही हैं।

शहरी इलाकों से लेकर बस्तर के जंगलों तक, इस योजना ने उन महिलाओं को सम्मान और गरिमा से जीने का हक दिया है जो कल तक आर्थिक तंगहाली से जूझ रही थीं। सुंदरी नेताम जैसी लाखों महिलाओं के चेहरे की यह मुस्कान आज नए छत्तीसगढ़ की पहचान बन चुकी है।

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