केंद्र सरकार का बड़ा फैसला : अब हर उपभोक्ता के लिए स्मार्ट मीटर अनिवार्य, CSPDCL ने जताई मीटरों पर सटीकता

रायपुर। केंद्रीय विद्युत मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को स्मार्ट बिजली मीटर लगाने के काम में तेजी लाने के निर्देश जारी किए हैं। नए दिशानिर्देशों के तहत, जिन क्षेत्रों में संचार नेटवर्क उपलब्ध है, वहां सभी श्रेणियों के बिजली उपभोक्ताओं के लिए स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।
इस निर्णय का प्रभाव प्रीपेड और पोस्टपेड दोनों तरह के उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से जहां बिलिंग में पारदर्शिता आएगी, वहीं उपभोक्ता अपनी दैनिक खपत पर नजर रखकर बिजली की बचत भी कर सकेंगे।
ToD टैरिफ से बचत: टाइम ऑफ डे (ToD) व्यवस्था लागू होने से उपभोक्ता गैर-पीक आवर्स में बिजली का इस्तेमाल कर अपने बिल में कटौती कर सकेंगे।
सटीक रीडिंग और पारदर्शिता: स्मार्ट मीटर से ऊर्जा का सही हिसाब-किताब संभव होगा, जिससे उपभोक्ताओं और बिजली कंपनियों (डिस्कॉम्स) दोनों को फायदा मिलेगा।
प्रीपेड रिचार्ज की सुविधा: उपभोक्ता अपनी जरूरत और बजट के हिसाब से छोटी-छोटी किस्तों में भी बिजली रीचार्ज कर सकेंगे।
डिस्कॉम की वित्तीय स्थिति में सुधार: अग्रिम भुगतान व्यवस्था से बिजली वितरण कंपनियों का संचालन बेहतर होगा और वित्तीय संकट दूर होगा।
रायपुर में CSPDCL की अपील और बैकुंठपुर की जांच
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (CSPDCL) ने स्मार्ट मीटरों को लेकर फैले भ्रम पर स्थिति साफ की है। हाल ही में बैकुंठपुर में हुई एक जांच के दौरान स्मार्ट मीटर की रीडिंग पूरी तरह सटीक पाई गई। चेक मीटर और स्मार्ट मीटर की खपत के बीच केवल एक यूनिट का मामूली अंतर दर्ज किया गया। बिजली कंपनी ने उपभोक्ताओं से सोशल मीडिया या स्थानीय स्तर पर उड़ रही अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है।
















