मध्य प्रदेश में ग्रामीण संपत्ति स्वामियों के लिए बड़ा कदम : 50 लाख संपत्तियों की मुफ्त रजिस्ट्री प्रक्रिया शुरू

भोपाल (एजेंसी) मध्य प्रदेश सरकार ने ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को उनकी संपत्ति का पूर्ण वैधानिक हक दिलाने के लिए एक व्यापक अभियान शुरू किया है। स्वामित्व योजना के अंतर्गत राज्य के 41,000 से अधिक गांवों में स्थित लगभग 50 लाख निजी मकानों व भूखंडों का निःशुल्क पंजीकरण (रजिस्ट्री) कराया जाएगा। इस विशेष अभियान की शुरुआत इंदौर से की गई।
मुफ्त रजिस्ट्री और वित्तीय स्वावलंबन
राज्य में अब तक करीब 68 लाख संपत्ति अधिकार-पत्र (प्रॉपर्टी कार्ड) तैयार किए जा चुके हैं, जिनमें से 50 लाख निजी भूखंडों की रजिस्ट्री के लिए लगने वाला लगभग 4,000 करोड़ रुपये का शुल्क प्रदेश सरकार स्वयं वहन करेगी। मध्य प्रदेश ऐसा कदम उठाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। संपत्ति के आधिकारिक रजिस्ट्री दस्तावेज मिलने से ग्रामीण नागरिक आसानी से बैंकों से ऋण ले सकेंगे, जिससे वे स्वरोजगार, गृह निर्माण और कृषि जैसी आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा दे सकेंगे।
तीन चरणों में लगेंगे ग्राम-स्तरीय शिविर
रजिस्ट्री प्रक्रिया को सुलभ बनाने के लिए ग्राम पंचायत स्तर पर तीन चरणों में विशेष शिविरों का आयोजन किया जाएगा:
पहला चरण: 17 से 19 सितंबर
दूसरा चरण: 24 से 26 सितंबर
तीसरा चरण: 1 से 3 अक्टूबर
तकनीक और स्थानीय सत्यापन की प्रक्रिया
आवेदन के लिए आबादी भूखंड की लैंड-लिंकिंग और समग्र आईडी के जरिए ई-केवाईसी आवश्यक होगी। यह प्रक्रिया ‘सारा’ मोबाइल ऐप और ‘संपदा’ पोर्टल के माध्यम से निष्पादित की जाएगी। ग्रामीणों को सहूलियत देने के लिए पटवारी, तहसीलदार, नायब तहसीलदार और राजस्व निरीक्षकों को स्थानीय स्तर पर ही रजिस्ट्री निष्पादन और पंजीकरण के अधिकार दिए गए हैं। प्रक्रिया पूर्ण होने पर दस्तावेज सीधे हितग्राही के व्हाट्सएप पर भेज दिए जाएंगे।
इस अवसर पर लाड़ली बहनों को औद्योगिक रोजगार में 5,000 रुपये प्रतिमाह प्रोत्साहन राशि देने और राज्य के धार्मिक-सांस्कृतिक स्थलों के विकास का भी उल्लेख किया गया। आयोजन के दौरान अधिकारियों एवं जनप्रतिनिधियों ने विभिन्न शासकीय जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
















