ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने का संकल्प : मुख्यमंत्री साय ने दिए जिला पंचायत अधिकारियों को निर्देश

नवा रायपुर। छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने नवा रायपुर स्थित SIRD परिसर (निमोरा) में जिला पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारियों (CEOs) की एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक सह कार्यशाला को संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि ग्राम पंचायतों को मात्र सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन का साधन न मानकर, उन्हें सामाजिक और आर्थिक बदलाव तथा स्वावलंबन का मुख्य केंद्र बनाना होगा। उन्होंने कहा कि एक सशक्त और आत्मनिर्भर गाँव ही ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार कर सकता है।
समीक्षा बैठक के मुख्य बिंदु : सुशासन और अंतिम व्यक्ति तक पहुँच:
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को पूरी संवेदनशीलता और पारदर्शिता के साथ काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं का लाभ बिना किसी भेदभाव के समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुँचना चाहिए। प्रत्येक जिले में स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ‘आदर्श विकास मॉडल’ तैयार करने की बात कही गई।
‘विकसित भारत जी राम जी योजना’:
1 जुलाई से शुरू हुई इस योजना के जरिए ग्रामीण इलाकों में रोजगार सृजन और गुणवत्तापूर्ण बुनियादी ढांचे का निर्माण प्राथमिकता पर रहेगा। जल संरक्षण, कृषि और आजीविका से जुड़े निर्माण कार्यों में गुणवत्ता से कोई समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्राकृतिक संसाधन एवं जल संरक्षण:
विकास का मतलब केवल कंक्रीट के भवन बनाना नहीं है। वर्षा जल संचयन, भूजल संवर्धन, मिट्टी की सेहत, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसे टिकाऊ विकास के उपायों पर बल दिया जाएगा।
‘लखपति दीदी’ से ‘करोड़पति दीदी’ का लक्ष्य:
राज्य में अब तक 10.40 लाख से अधिक महिलाएं स्व-सहायता समूहों के जरिए आर्थिक रूप से सशक्त होकर ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। अब सरकार उन्हें कौशल विकास, नए उद्योगों और स्वरोजगार से जोड़कर ‘करोड़पति दीदी’ बनाने का लक्ष्य रख रही है।
बस्तर के सुदूर क्षेत्रों का विकास:
बस्तर संभाग के दूरस्थ और दुर्गम इलाकों में सड़क, बिजली, शिक्षा, पेयजल, स्वास्थ्य और राशन जैसी मूलभूत सुविधाएं प्राथमिकता के साथ पहुँचाने के कड़े निर्देश दिए गए हैं।
सौर ऊर्जा और सामाजिक सुरक्षा:
‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ को बढ़ावा देने और किसानों को सौर पंपों से जोड़ने के लिए अभियान चलाया जाएगा। इसके अलावा, PM आवास योजना और सामाजिक सुरक्षा पेंशन के भुगतान में किसी भी तरह की देरी न करने के निर्देश दिए गए।
जनभागीदारी से बदलाव की प्रेरणा
मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को प्रोत्साहित करते हुए हिवड़े बाजार मॉडल (पद्मश्री पोपटराव पवार), चित्रकूट के दीनदयाल शोध संस्थान (नानाजी देशमुख) और ओडिशा में डॉ. अच्युत सामंत के सामाजिक कार्यों का उदाहरण दिया।
“यदि एक व्यक्ति भी निष्ठा और संकल्प के साथ आगे बढ़ता है, तो पूरा समाज परिवर्तन की दिशा में साथ खड़ा हो जाता है।”
— विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री
कार्यशाला में पद्मश्री पोपटराव पवार ने हिवड़े बाजार की सफलता की कहानी साझा करते हुए बताया कि कैसे जल संरक्षण, अनुशासन और जनभागीदारी से एक जल-संकटग्रस्त गाँव आज प्रति व्यक्ति लगभग 9 लाख रुपये की आय वाला मॉडल बन चुका है, जहाँ पलायन और BPL परिवार समाप्त हो चुके हैं।
इस उच्चस्तरीय बैठक में उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा, अपर मुख्य सचिव श्रीमती ऋचा शर्मा, पंचायत एवं ग्रामीण विकास सचिव श्री भीम सिंह, संचालक श्रीमती प्रियंका ऋषि महोबिया, पूर्व आईएएस अमरजीत सिन्हा तथा सभी जिलों के CEO उपस्थित रहे।
















