भिलाई में राष्ट्रीय कुश्ती का शंखनाद : विजय बघेल ने खिलाड़ियों का जीता दिल

भिलाई। भिलाई की पावन धरा पर आयोजित नेशनल अंडर-20 कुश्ती चैंपियनशिप का भव्य समापन हुआ। इस तीन दिवसीय महाकुंभ की सफलता ने न केवल छत्तीसगढ़ का मान बढ़ाया है, बल्कि खेल जगत में राज्य की एक नई पहचान स्थापित की है। दुर्ग सांसद विजय बघेल ने इस आयोजन को ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि हमारी सामूहिक मेहनत रंग लाई है और इसके दूरगामी परिणाम प्रदेश के खिलाड़ियों को भविष्य में देखने को मिलेंगे।
प्रमुख उपलब्धियां और खास बातें
अतिथि सत्कार और मानक: सांसद विजय बघेल ने कहा कि देश के 28 राज्यों से आए पहलवानों को जो सुविधाएं प्रदान की गईं, उससे हमने उनके दिलों में जगह बनाई है। भारतीय कुश्ती संघ के अध्यक्ष संजय सिंह और पूर्व अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह ने भी इस आयोजन की व्यवस्थाओं को अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप बताया।
छत्तीसगढ़ के लिए गौरव का क्षण: 55 किलोग्राम भार वर्ग में राज्य के मन्नू यादव ने सिल्वर मेडल जीतकर इतिहास रच दिया। यह पदक स्थानीय खिलाड़ियों के लिए एक प्रेरणा स्रोत (संजीवनी) के रूप में कार्य करेगा।
पदक तालिका: प्रतियोगिता में हरियाणा ने अपना दबदबा कायम रखते हुए सर्वाधिक मेडल जीते। दूसरे स्थान पर एस.एस.सी.बी. (सर्विस स्पोर्ट्स कंट्रोल बोर्ड) और तीसरे स्थान पर उत्तर प्रदेश रहा।
भविष्य की योजनाएं: अब अंतरराष्ट्रीय स्तर का लक्ष्य
छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के उपाध्यक्ष भूपेंद्र यादव ने आयोजन की सफलता का श्रेय अपनी टीम को दिया। उन्होंने जोश भरते हुए कहा:
“हमारी टीम ही हमारी असली ताकत है। इस राष्ट्रीय आयोजन की सफलता के बाद अब हमारा अगला लक्ष्य छत्तीसगढ़ में अंतरराष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता आयोजित करना है।”
सांस्कृतिक और समापन समारोह
कार्यक्रम को और भी यादगार बनाने के लिए समापन पर भारतीय कुश्ती संघ के पदाधिकारियों और रेफरी को बस्तर आर्ट शील्ड भेंट की गई, ताकि वे छत्तीसगढ़ की कला और यादें अपने साथ ले जा सकें। मंच संचालन ममता ध्रुव, निशु पाण्डेय और अभय सुधाकर ने किया, वहीं आरिफ खान की संगीतबद्ध प्रस्तुतियों ने दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
श्रद्धांजलि के साथ समापन:
कार्यक्रम के अंत में सांसद विजय बघेल ने देश की स्वर कोकिला आशा भोसले (दीदी) को याद करते हुए दो मिनट का मौन रखा और प्रतियोगिता के औपचारिक समापन की घोषणा की।
इस अवसर पर भारतीय कुश्ती संघ के कोषाध्यक्ष एस.पी. देसवाल, जूरी हेड प्रसूत जी, छत्तीसगढ़ कुश्ती संघ के अध्यक्ष जगन्नाथ पहलवान सहित खेल और राजनीति जगत की तमाम हस्तियां उपस्थित रहीं।
















