सीमंधर स्वामी जन्मकल्याणक : रायपुर में उमड़ा श्रद्धा का सैलाब, भक्तिभाव से मनाया गया जन्मोत्सव

रायपुर। महाविदेह क्षेत्र में वर्तमान में विचरण कर रहे तीर्थंकर सीमंधर स्वामी का जन्म वांचन महोत्सव राजधानी के दादाबाड़ी स्थित जैन मंदिर में हर्षोल्लास के साथ संपन्न हुआ। आचार्य जिनमणि प्रभ सूरीश्वर द्वारा प्रतिष्ठित इस मंदिर में साध्वी सिद्धांतनिधि श्रीजी के सानिध्य में प्रभु के जन्मोत्सव का पावन प्रसंग पढ़ा गया।
उत्सव की मुख्य झलकियाँ
भगवान के जन्म की घोषणा होते ही पूरा परिसर भक्ति के रंग में डूब गया। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने निम्नलिखित धार्मिक अनुष्ठानों में उत्साहपूर्वक भाग लिया:
पालना उत्सव: भगवान को पालना झुलाने का सौभाग्य मूलचंद संतोष सरला बैद परिवार को प्राप्त हुआ।
बधाई और हर्ष: राजेश करुणा सिंघी परिवार ने थाली बजाकर प्रभु के आगमन की खुशियाँ मनाईं और समस्त जैन समाज को इस पावन पर्व की शुभकामनाएं दीं।
स्वप्न पूजन: जैन धर्म की परंपरा के अनुसार, तीर्थंकर के गर्भ में आने से पूर्व माता द्वारा देखे गए 14 मंगलकारी स्वप्नों का विधि-विधान से पूजन किया गया।
स्वप्न पूजन के लाभार्थी परिवार
तीर्थंकर की माता द्वारा देखे गए श्रेष्ठ स्वप्नों की पूजा और उन्हें बधाने का लाभ लेने वाले प्रमुख परिवार इस प्रकार हैं:
स्वप्न (Dream),लाभार्थी परिवार
गज (हाथी),मूलचंद संतोष सरला बैद
वृषभ (बैल),”कोचर परिवार (महेन्द्र कुमार, तरुण, मानस, गौरव, कल्प, गर्वित, प्रेरित)”
सिंह व लक्ष्मी,वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा
पुष्पमाला,दिनेश रोहित सुराणा
चंद्र विमान,राजेश करुणा सिंघी
सूर्य,प्रकाशचंद सुराना
इंद्रध्वजा व कुंभ,वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा
पद्म सरोवर,पुष्पा देवी मनोज कविता कोठारी
क्षीर सागर,श्रीमती निर्मला भंडारी
देव विमान,गुलाबचंद सोहनलाल टीकमचंद गोलछा परिवार
रत्न राशि,तिलोकचंद शांतिलाल अशोक बरड़िया
निर्धूम अग्नि,वर्धमान वर्तिका वैभव चोपड़ा
कल्पवृक्ष,सुनील अनमोल नेहा आयुष रायसोनी व कमलचंद आदित्य मानसी अभिषेक बैद
जिनालय के सभामंडप में आयोजित इस भव्य कार्यक्रम में बड़ी संख्या में उपस्थित श्रावक-श्राविकाओं ने एक-दूसरे को ‘जय जिनेंद्र’ और भगवान के जन्मकल्याणक की बधाई दी। भक्ति गीतों और भजनों से पूरा वातावरण धर्ममय हो गया।
















