छत्तीसगढ़ में नक्सलवाद खत्म, अब फोकस सर्वांगीण विकास पर : आईटीवी नेटवर्क के युवा मंच में बोले सीएम साय

रायपुर। राजधानी रायपुर के महोबा बाजार स्थित एक निजी होटल में आयोजित आईटीवी नेटवर्क और इंडिया न्यूज के ‘युवा मंच’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में शांति स्थापना, नए उद्योगों के आगमन, शिक्षा व्यवस्था और पर्यटन के नए अवसरों पर विस्तार से अपनी बात रखी। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाली हस्तियों को भी सम्मानित किया गया।
मुख्यमंत्री साय ने अपने संबोधन में कहा कि कभी छत्तीसगढ़ के विकास की सबसे बड़ी रुकावट रहा नक्सलवाद अब अंतिम सांसें गिन रहा है। उन्होंने बताया कि सरकार बनने के बाद केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक में रणनीति बनाई गई थी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन और केंद्रीय नेतृत्व के दृढ़ संकल्प के साथ जवानों के पराक्रम के बल पर अब राज्य पूरी तरह नक्सलमुक्त होने की ओर अग्रसर है। सुरक्षा का माहौल बनने से अब सरगुजा से लेकर बस्तर तक बुनियादी ढांचे और विकास का मार्ग प्रशस्त हुआ है।
युवाओं के भविष्य, पारदर्शिता और कड़े कानूनों पर जोर
पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा। पीएससी घोटाले के आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की गई है। अब सभी भर्ती परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ आयोजित हो रही हैं, जिससे युवाओं और अभिभावकों का भरोसा फिर से कायम हुआ है।
सख्त धर्मांतरण विरोधी कानून: प्रदेश में प्रलोभन या दबाव के जरिए कराए जाने वाले धर्मांतरण को रोकने के लिए देश का सबसे कठोर ‘धर्म स्वातंत्र्य विधेयक’ लाया गया है। इसके लिए अन्य राज्यों के कानूनों का गहन अध्ययन किया गया।
नीति निर्माण में युवाओं की भागीदारी: सीएम ने युवाओं को देश की ताकत बताते हुए कहा कि सरकार उनके सुझावों को नीतियों में शामिल कर रही है, ताकि प्रदेश के निर्माण में उनकी सीधी भागीदारी हो सके।
औद्योगिक क्रांति और रोजगार के नए अवसर
राज्य की नई औद्योगिक नीति के सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं:
8 लाख करोड़ रुपये के MoU: सेमीकंडक्टर प्लांट, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर और टेक्सटाइल जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश आ रहा है।
रोजगार प्रोत्साहन नीति: 1,000 से अधिक स्थानीय युवाओं को रोजगार देने वाले उद्योगों को विशेष इंसेंटिव दिया जाएगा।
रोजगार मेला: मानसून के बाद प्रदेश भर में बड़े स्तर पर जॉब फेयर आयोजित किए जाएंगे।
जनजातीय कल्याण, शिक्षा और स्वास्थ्य का नया ढांचा
जनजातीय उत्कर्ष: प्रदेश के 6,000 गांवों को ‘धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान’ में जोड़ा गया है। इसके अतिरिक्त, 5 विशेष पिछड़ी जनजातियों (PVTGs) के सामाजिक-आर्थिक उत्थान के लिए योजनाएं चलाई जा रही हैं। निकटवर्ती जनजातीय क्षेत्रों को ध्यान में रखते हुए राज्य में ट्राइबल यूनिवर्सिटी की स्थापना का प्रयास भी जारी है।
शिक्षा क्षेत्र में नया अध्याय: बस्तर में शांति लौटने के बाद ‘एजुकेशन सिटी’ का निर्माण शुरू हो चुका है, जिसके लिए बजट का आवंटन कर दिया गया है।
स्वास्थ्य सेवाओं में विस्तार: राज्य में 15 मेडिकल कॉलेज पहले से कार्यरत हैं, जबकि 5 नए स्वीकृत कॉलेजों में इसी सत्र से 250 सीटों पर प्रवेश शुरू होगा। बस्तर के सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में ब्रेन ट्यूमर जैसे जटिल इलाज संभव हो चुके हैं। ‘मुख्यमंत्री स्वस्थ बस्तर अभियान’ के तहत 34 लाख लोगों का स्वास्थ्य परीक्षण कर 40 हजार लोगों को उपचार प्रदान किया गया है।
विश्व पटल पर छत्तीसगढ़ का पर्यटन
पर्यटन को नई औद्योगिक नीति में प्रमुखता दी गई है। बस्तर के प्रसिद्ध चित्रकोट जलप्रपात (भारत का नियाग्रा) के अलावा धुड़मारास गांव को संयुक्त राष्ट्र विश्व पर्यटन संगठन (UNWTO) ने विश्व के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांवों की सूची में स्थान दिया है। वहां बम्बू राफ्टिंग और होम-स्टे जैसी गतिविधियों से स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजित हो रहा है।
इस अवसर पर राज्यसभा सांसद कार्तिकेय शर्मा, आईटीवी नेटवर्क के वरिष्ठ अधिकारी एवं शहर के अनेक गणमान्य नागरिक मौजूद रहे।
















