राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने बस्तर दशहरा को बताया भारत की सांस्कृतिक एकता और लोकतंत्र का अनूठा प्रतीक

बस्तर। बस्तर की पावन भूमि जगदलपुर में आयोजित विश्वप्रसिद्ध 75 दिवसीय बस्तर दशहरा उत्सव में राष्ट्रपति श्रीमती द्रौपदी मुर्मु मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुईं। इस भव्य आयोजन में उनके साथ मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय और राज्यपाल श्री रमेन डेका ने भी शिरकत की। राष्ट्रपति ने इस ऐतिहासिक उत्सव की परंपराओं की भूरी-भरी प्रशंसा करते हुए इसे छत्तीसगढ़ के गौरव और जनजातीय विरासत का जीवंत दस्तावेज बताया।
बस्तर दशहरा: सामूहिक सहभागिता और सामाजिक समरसता की मिसाल
राष्ट्रपति ने कहा कि बस्तर दशहरा की सबसे बड़ी खूबी इसमें समाज के हर वर्ग और गोत्र की सक्रिय भागीदारी है। रथ के निर्माण से लेकर उसे खींचने और तमाम धार्मिक अनुष्ठानों को पूरा करने में हर समुदाय अपनी तय जिम्मेदारी निभाता है। यह सामूहिक जुड़ाव आपसी सहयोग और सामाजिक एकता का एक अनोखा उदाहरण है। उन्होंने दंडकारण्य से जुड़े इस क्षेत्र के पौराणिक और ऐतिहासिक महत्व का जिक्र करते हुए भगवान राम के वनवास और माता शबरी के प्रसंगों को भारतीय संस्कृति का अहम हिस्सा बताया।
मुरिया दरबार: जमीनी लोकतंत्र का जीवंत मंच
मुरिया दरबार की परंपरा की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने इसे जमीनी स्तर पर लोकतांत्रिक व्यवस्था का बेहतरीन उदाहरण करार दिया। उन्होंने कहा कि यहां समाज के सभी प्रतिनिधि एक साथ बैठकर जनसमस्याओं और सामाजिक मुद्दों पर खुलकर चर्चा करते हैं, जो भारतीय लोकतंत्र की जड़ों को और मजबूत करता है। इसके साथ ही, उन्होंने बस्तर ओलंपिक और ‘बस्तर पंडुम’ जैसे आयोजनों की तारीफ करते हुए कहा कि ऐसे मंचों से जनजातीय युवाओं की छिपी हुई खेल प्रतिभाएं निखरेंगी और वे भविष्य में राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर देश का नाम रोशन करेंगे।
नक्सलवाद से मुक्ति और विकास के नए रास्ते
नक्सलवाद के साये से बाहर निकलकर प्रगति के पथ पर तेजी से बढ़ रहे बस्तर क्षेत्र की सराहना करते हुए राष्ट्रपति ने केंद्र और राज्य सरकारों के साझा प्रयासों की रूपरेखा पर संतोष जताया। उन्होंने प्रकृति संरक्षण पर जोर देते हुए कहा कि जनजातीय जीवन दर्शन में वनों और पर्यावरण का विशेष सम्मान किया जाता है, इसलिए हम सबका कर्तव्य है कि अधिक से अधिक पौधे लगाएं और अपनी प्राकृतिक धरोहर को बचाएं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने गिनाईं बस्तर के विकास की योजनाएं
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु का स्वागत करते हुए कहा कि उनका बस्तर की धरती से हमेशा से गहरा लगाव रहा है। मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य सरकार बस्तर के समग्र विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है:
बुनियादी ढांचे का विस्तार: नियद नेल्लानार योजना, प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना और पीएम-जनमन योजना के जरिए अंदरूनी इलाकों को सड़क मार्ग से जोड़ा जा रहा है। रायपुर से रावघाट नई रेल सेवा शुरू हो चुकी है और आगे का कार्य तेजी पर है।
शिक्षा और स्वास्थ्य: गीदम में मेडिकल कॉलेज और जगदलपुर में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की शुरुआत से स्थानीय नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य और उच्च शिक्षा मिल रही है।
पारंपरिक नेतृत्व का सम्मान: सरकार ने बस्तर की संस्कृति को सहेजने वाले मांझियों और चालकियों के मानदेय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है ताकि पारंपरिक व्यवस्था से जुड़े लोगों का आर्थिक सशक्तिकरण हो सके।
इस गरिमामयी समारोह में राज्यपाल श्री रमेन डेका, संस्कृति मंत्री श्री राजेश अग्रवाल, कई मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक और बड़ी संख्या में पारंपरिक मांझी-चालकी, पुजारी व क्षेत्र के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
















