पूर्वी यूरोप में रक्षा निर्यात का नया सितारा बना भारत : हथियारों की बिक्री में 16 गुने से अधिक की ऐतिहासिक वृद्धि

नई दिल्ली (एजेंसी)। साल 2022 में रूस और यूक्रेन के बीच संघर्ष शुरू होने के बाद से वैश्विक हथियार बाज़ार में भारत की स्थिति में नाटकीय बदलाव आया है। पूर्वी और मध्य यूरोप के 13 देशों को सैन्य साजो-सामान की आपूर्ति करने के मामले में भारत 28वें स्थान से सीधी छलांग लगाकर अब दूसरे सबसे बड़े आपूर्तिकर्ता (सप्लायर) के रूप में उभरा है।
यूक्रेन युद्ध के कारण उत्पन्न सुरक्षा चिंताओं के बीच जब यूरोपीय राष्ट्रों ने नए विश्वसनीय सैन्य स्रोतों का रुख किया, तब भारतीय रक्षा निर्माताओं ने इस अवसर का भरपूर लाभ उठाया। पोलैंड और रोमानिया समेत 13 देशों को भारत की ओर से लगभग 87.2 करोड़ डॉलर (तकरीबन ₹7,200 करोड़) से अधिक के तोप के गोले, मोर्टार राउंड, प्रोपेलेंट और विस्फोटक निर्यात किए गए।
रिकॉर्ड बढ़ोतरी और रणनीतिक संतुलन
अभूतपूर्व वृद्धि: युद्ध-पूर्व की अवधि की तुलना में भारत के रक्षा निर्यात में 1,600% से अधिक की अप्रत्याशित उछाल दर्ज की गई है, जो देश के हालिया रिकॉर्ड तोड़ रक्षा निर्यात आंकड़ों से भी मेल खाती है।
अप्रत्यक्ष आपूर्ति का पहलू: यद्यपि भारत की आधिकारिक नीति यूक्रेन को सीधे तौर पर हथियार भेजने की नहीं है, फिर भी यूरोपीय मध्यस्थों और खरीदारों के माध्यम से भारतीय गोला-बारूद के वहां पहुंचने की संभावनाएं जताई जाती रही हैं।
वैश्विक कूटनीति में भारत का प्रभुत्व: यह व्यापारिक उछाल भारत की उस अनूठी कूटनीतिक क्षमता को दर्शाती है, जिसके तहत वह रूस के साथ अपने पारंपरिक और पुराने संबंधों को बनाए रखते हुए भी वैश्विक रक्षा बाज़ार में एक प्रमुख एवं मजबूत खिलाड़ी के रूप में खुद को स्थापित कर रहा है।
















