छत्तीसगढ़ में कड़ाके की ठंड का प्रकोप : कई जिलों में शीतलहर और घने कोहरे की चेतावनी

रायपुर। छत्तीसगढ़ में जनवरी की शुरुआत के साथ ही मौसम का मिजाज काफी सख्त हो गया है। उत्तर से आ रही सर्द हवाओं ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार, आने वाले 72 घंटों (3 दिनों) के दौरान राज्य के उत्तरी और मध्य हिस्सों में ठंड और अधिक बढ़ने की संभावना है।
तापमान का हाल और क्षेत्रीय प्रभाव
प्रदेश के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है:
सबसे ठंडा इलाका: अंबिकापुर (सरगुजा संभाग) में न्यूनतम तापमान 4.8 डिग्री सेल्सियस तक गिर गया है।
सबसे गर्म इलाका: दुर्ग में अधिकतम तापमान 29.6 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।
राजधानी रायपुर: रायपुर में सुबह के समय धुंध छाई रही। यहाँ न्यूनतम तापमान 13-14 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है, जो सामान्य स्थिति में है।
मौसम विभाग की चेतावनी (अलर्ट)
विभाग ने राज्य के विभिन्न हिस्सों के लिए कोहरे और शीतलहर की दोहरी चेतावनी जारी की है:
- घना कोहरा (Fog Alert): उत्तरी छत्तीसगढ़ के जिलों जैसे सरगुजा, जशपुर, कोरिया, सूरजपुर, बलरामपुर और बिलासपुर संभाग के मुंगेली, कोरबा, रायगढ़ आदि क्षेत्रों में सुबह के वक्त दृश्यता काफी कम रहने के आसार हैं।
- शीतलहर (Cold Wave Alert): मध्य और दक्षिण-मध्य छत्तीसगढ़ के जिलों में शीतलहर चलने की आशंका है। इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं:
रायपुर और दुर्ग संभाग के जिले।
राजनांदगांव, कबीरधाम (कवर्धा), बेमेतरा और बालोद।
मोहला-मानपुर और खैरागढ़ क्षेत्र।
अगले तीन दिनों का पूर्वानुमान
अगले तीन दिनों तक सुबह और रात के तापमान में और गिरावट आ सकती है। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि उत्तरी हवाओं के सीधे प्रभाव के कारण सरगुजा संभाग में ठिठुरन सबसे ज्यादा रहेगी, जबकि मैदानी इलाकों में शुष्क हवाएं कनकनी बढ़ाएंगी।
सावधानी नोट: शीतलहर और कोहरे को देखते हुए वाहन चालकों को सावधानी बरतने और बच्चों व बुजुर्गों को ठंड से बचाने की सलाह दी गई है।
















