अस्पतालों की व्यवस्था सुधारेगी जनभागीदारी : मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े

रायपुर। राज्य सरकार का मुख्य लक्ष्य अस्पतालों को केवल इलाज की जगह न बनाकर, उन्हें जनता के भरोसे का केंद्र बनाना है। यह बात महिला एवं बाल विकास मंत्री श्रीमती लक्ष्मी राजवाड़े ने जीवन दीप समिति की बैठक के दौरान कही। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जनता के अनुकूल बनाने के लिए स्थानीय समुदाय की भागीदारी बेहद ज़रूरी है।
सूरजपुर जिले के चाँदनी बिहारपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में आयोजित इस बैठक की अध्यक्षता करते हुए मंत्री राजवाड़े ने अस्पताल प्रबंधन के विभिन्न पहलुओं की विस्तार से समीक्षा की।
बैठक के प्रमुख बिंदु और निर्देश
चिरायु कार्यक्रम की समीक्षा: राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (चिरायु) के तहत स्कूलों और आंगनवाड़ियों में बच्चों के स्वास्थ्य परीक्षण और उनके इलाज की प्रगति का जायजा लिया गया। मंत्री ने लक्ष्यों के अनुरूप काम करने और ज़रूरी सुधार करने के सुझाव दिए।
वित्तीय पारदर्शिता: अस्पताल के वार्षिक बजट और आय-व्यय के ब्यौरे को सामान्य सभा से अनुमोदित कराने के निर्देश दिए गए, ताकि वित्तीय प्रबंधन पूरी तरह पारदर्शी रहे।
संसाधनों और सुविधाओं का सही इस्तेमाल: बीमा क्लेम की शत-प्रतिशत वसूली, एम्बुलेंस का नियमित रख-रखाव, मेडिकल कचरे का सुरक्षित निपटान और अस्पताल की जमीन का सही उपयोग सुनिश्चित करने को कहा गया।
सुलभ इलाज और दवाएं: मरीजों को बिना किसी रुकावट के सस्ती दवाएं, बेहतर इलाज और ब्लड बैंक जैसी आपातकालीन सुविधाएं उपलब्ध कराने पर विशेष बल दिया गया।
समुदाय और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय की जरूरत
मंत्री श्रीमती राजवाड़े ने कहा कि दूरस्थ ग्रामीण इलाकों में स्वास्थ्य सुविधाओं का स्तर सुधारने के लिए जनप्रतिनिधियों, प्रशासन और आम जनता के बीच तालमेल होना आवश्यक है। उन्होंने समिति के सदस्यों से अपील की कि वे अस्पताल की व्यवस्थाओं पर लगातार नजर रखें और जनता की समस्याओं को हल करने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
















