
अंडर-18 एशिया कप : भारत के सिर सजा एशिया का ताज, एमपी हॉकी अकादमी के ‘सिक्सर’ ने देश को जिताया गोल्ड
भोपाल (एजेंसी)। जापान के काकामिगाहारा में खेले गए पुरुष अंडर-18 एशिया कप 2026 में भारतीय जूनियर हॉकी टीम ने इतिहास रचते हुए सोने का तमगा (स्वर्ण पदक) अपने नाम कर लिया है। पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही भारतीय टीम ने फाइनल मुकाबले में अपनी बादशाहत कायम रखते हुए न सिर्फ ट्रॉफी जीती, बल्कि दुनिया भर में देश का मान भी बढ़ाया।
मध्य प्रदेश के 6 सूरमाओं ने पलटी बाजी
इस ऐतिहासिक खिताबी जीत की सबसे खास बात यह रही कि भारतीय टीम में मध्य प्रदेश पुरुष हॉकी अकादमी के छह प्रतिभावान खिलाड़ी शामिल थे। गोलकीपर आयुष रजक की दीवार जैसी मुस्तैदी के साथ-साथ अंश बहुत्रा, करण गौतम, अवि माणिकपुरी, सिद्धार्थ बेन और गाज़ी खान ने मैदान पर ऐसा दमदार खेल दिखाया कि विरोधी टीमें पस्त हो गईं। इन छह खिलाड़ियों का शानदार तालमेल भारत को चैंपियन बनाने में सबसे बड़ा टर्निंग पॉइंट साबित हुआ।
सेमीफाइनल में पाकिस्तान को चटाई थी धूल
भारतीय टीम के लिए खिताबी मुकाबले का रास्ता आसान नहीं था। सेमीफाइनल के कड़े मुकाबले में भारत का सामना अपने पारंपरिक प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान से हुआ। दबाव वाले इस मैच में भारतीय युवाओं ने बेहतरीन खेल दिखाते हुए पाकिस्तान को शिकस्त दी। इस जीत से टीम का हौसला इतना बुलंद हुआ कि उन्होंने फाइनल में भी उसी आक्रामकता के साथ खेलकर खिताब पर कब्जा कर लिया।
टूर्नामेंट में दिखा भारतीय हॉकी का दबदबा
29 मई से 6 जून तक जापान में आयोजित इस चैंपियनशिप में एशिया की तमाम दिग्गज जूनियर टीमों ने हिस्सा लिया था। लेकिन भारतीय टीम की रफ्तार, अनुशासन और आक्रामक रणनीति के आगे कोई भी टीम टिक नहीं सकी। पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम ने एकतरफा दबदबा बनाए रखा और साबित कर दिया कि एशियाई हॉकी का भविष्य सुरक्षित हाथों में है।
एमपी के खेल मंत्री ने थपथपाई पीठ
इस बड़ी सफलता पर मध्य प्रदेश के खेल एवं युवा कल्याण मंत्री श्री विश्वास कैलाश सारंग ने पूरी भारतीय टीम और विशेष रूप से एमपी अकादमी के खिलाड़ियों को बधाई दी। खेल मंत्री ने कहा:
“अंतरराष्ट्रीय मंच पर हमारे छह खिलाड़ियों का यह प्रदर्शन यह साफ करता है कि मध्य प्रदेश में खेल की प्रतिभाएं कूट-कूट कर भरी हैं। यह जीत हमारी खेल अकादमियों में मिल रहे वर्ल्ड क्लास ट्रेनिंग और खिलाड़ियों के कड़े परिश्रम का नतीजा है।”
उन्होंने खिलाड़ियों को भविष्य के लिए शुभकामनाएं देते हुए उम्मीद जताई कि यह टीम आगे भी देश का नाम रोशन करती रहेगी।
इस कामयाबी के पीछे ‘बैकस्टेज हीरोज’ का हाथ
खिलाड़ियों की इस स्वर्णिम सफलता के पीछे खेल विभाग के अधिकारियों और कोचों की पूरी टीम का बड़ा योगदान रहा। खेल विभाग के निदेशक श्री अंशुमान यादव, संयुक्त संचालक श्री बी.एस. यादव और हॉकी प्रभारी सुश्री शिप्रा श्रीवास्तव के कुशल प्रबंधन के साथ-साथ टीम को तराशने में मुख्य कोच व ओलंपियन समीर दाद, लोकेंद्र शर्मा, डॉ. हबीब हसन और अमित राठौर की ट्रेनिंग ने अहम भूमिका निभाई। खेल विभाग ने इस ऐतिहासिक जीत को राज्य के खेल इतिहास का एक सुनहरा पन्ना बताया है।
















