अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों से कीमती धातुओं में भारी गिरावट : 48 घंटे में चांदी ₹12,600 से अधिक लुढ़की, सोना भी हुआ सस्ता

नई दिल्ली (एजेंसी)। अमेरिका में अनुमान से अधिक मजबूत आए महंगाई (इन्फ्लेशन) के आंकड़ों ने घरेलू और वैश्विक कमोडिटी बाजारों में हलचल मचा दी है। भारतीय वायदा बाजार (MCX) में लगातार दूसरे कारोबारी सत्र में सोने और चांदी के दामों में तेज गिरावट दर्ज की गई।
घरेलू बाजार (MCX) का हाल
चांदी: शुक्रवार को MCX पर चांदी ₹2,600 से अधिक टूटकर ₹2,30,270 प्रति किलोग्राम के स्तर पर आ गई। गुरुवार की ₹10,000 से ज्यादा की बड़ी गिरावट को जोड़ें तो बीते 2 दिनों में चांदी के भाव में ₹12,600 से अधिक की कमी आ चुकी है।
सोना: सोने की कीमतों में भी भारी गिरावट देखी गई। शुक्रवार को सोना लगभग ₹1,200 गिरकर ₹1,50,695 प्रति 10 ग्राम पर आ गया। बीते दो सत्रों में सोने का भाव कुल मिलाकर ₹2,000 से अधिक टूट चुका है।
वैश्विक बाजार (Global Market) में दबाव
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में भी दोनों धातुओं पर बिकवाली का भारी दबाव रहा:
स्पॉट गोल्ड (Gold): 1.32% की गिरावट के साथ 4,401.74 डॉलर प्रति औंस पर पहुंचा।
स्पॉट सिल्वर (Silver): 5.45% लुढ़ककर 64.908 डॉलर प्रति औंस के स्तर पर आ गई।
गिरावट के मुख्य कारण
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरें बढ़ाने की आशंका: अमेरिका में महंगाई बढ़ने से बाजार में यह संभावना 80% तक पहुंच गई है कि फेडरल रिजर्व नीतिगत दरों (Interest Rates) में वृद्धि कर सकता है। दरें बढ़ने की उम्मीद से अमेरिकी डॉलर मजबूत होता है, जिससे गैर-प्रतिफल (non-yielding) वाली परिसंपत्तियों जैसे सोने-चांदी की मांग घट जाती है।
मुनाफावसूली (Profit Booking): हालिया तेजी के बाद निवेशकों द्वारा की गई मुनाफावसूली ने भी कीमतों को नीचे धकेला।
कच्चे तेल और डॉलर की मजबूती: भू-राजनीतिक तनावों के कारण ब्रेंट क्रूड (Brent Crude) उछलकर 108 डॉलर प्रति बैरल के पास पहुंच गया है। कच्चे तेल में तेजी और मजबूत डॉलर ने मिलकर कमोडिटी मार्केट पर अतिरिक्त दबाव बनाया।
निवेशकों के लिए सलाह
बाजार में आई इस अचानक अस्थिरता के कारण विश्लेषकों का मानना है कि निवेशकों को सतर्कता बरतनी चाहिए और नया निवेश करने से पहले बाजार के रुख व विशेषज्ञों की राय पर ध्यान देना चाहिए।
















