वैश्विक तेजी और कमजोर मानसून से भारत में दालें महंगी होने के आसार, चावल के निर्यात भाव भी एक साल के उच्चतम स्तर पर

नई दिल्ली (एजेंसी)। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कीमतों में आए उछाल और देश में कमजोर मानसून की वजह से घटते उत्पादन की आशंका ने भारतीय घरेलू बाजार में दालों की कीमतों पर दबाव बढ़ा दिया है। आयात महंगा होने के कारण भारत में आने वाली प्रमुख दालों के दामों में तेजी दर्ज की जा रही है।
आईग्रेन इंडिया के आंकड़ों के अनुसार, वैश्विक स्तर पर विभिन्न दालों के दाम इस प्रकार दर्ज किए गए:
उड़द: ब्राजील से आने वाली ग्रेड-1 उड़द बढ़कर 960 डॉलर प्रति टन और म्यांमार एसक्यू उड़द का भाव 965 डॉलर प्रति टन पहुंच गया है।
चना: ऑस्ट्रेलियाई चने के दामों में 25 डॉलर प्रति टन की वृद्धि हुई है, जिससे भारत के लिए इसका भाव 685 डॉलर प्रति टन हो गया है। तंजानिया से पाकिस्तान के लिए चने की कीमत 9% उछलकर 700 डॉलर प्रति टन हो गई है।
तुअर (अरहर): मोजांबिक की गजरा तुअर 7% की बढ़त के साथ 760 डॉलर प्रति टन, मलाविया रेड तुअर 675 डॉलर प्रति टन और म्यांमार की लेमन-टाइप तुअर 3% बढ़कर 895 डॉलर प्रति टन पर पहुंच गई है।
मटर: कनाडाई पीली मटर का भारत के लिए भाव 2% बढ़कर 425 डॉलर प्रति टन और बांग्लादेश के लिए 5% बढ़कर 485 डॉलर प्रति टन हो गया है।
चावल के निर्यात दामों में भी उछाल
दालों के साथ-साथ भारतीय चावल के निर्यात दामों में भी इस सप्ताह तेजी देखी गई, जिससे यह एक साल के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए हैं:
पारबॉइल्ड चावल (5% टूटा): कीमत बढ़कर 371-377 डॉलर प्रति टन हुई (पिछले सप्ताह 369-375 डॉलर)।
सफेद चावल (5% टूटा): कीमत 368-373 डॉलर प्रति टन दर्ज की गई।
















