छत्तीसगढ़

‘विष्णु भैया’ का घर बना बहनों का मायका, मुख्यमंत्री निवास में उल्लास से मना तीजा-पोरा तिहार

रायपुर। नवा रायपुर स्थित मुख्यमंत्री निवास में तीजा-पोरा पर्व अत्यंत धूमधाम और पारंपरिक उल्लास के साथ संपन्न हुआ। पूरे परिसर को छत्तीसगढ़ी ग्रामीण परिवेश और मायके का रूप दिया गया था, जहां प्रदेश भर से आईं हजारों महिलाओं और बेटियों का स्वागत पारंपरिक परंपराओं के साथ किया गया।

पारंपरिक खेलों और सांस्कृतिक रंग में रंगा सीएम हाउस

समारोह के दौरान मुख्यमंत्री निवास में पारंपरिक बैलगाड़ी, नंदिया-बइला, झूलों और लोक शिल्प से सुसज्जित माहौल में महिलाओं ने फुगड़ी, रस्साकशी, कुर्सी दौड़ और मेहंदी जैसी गतिविधियों का भरपूर आनंद लिया। लोक कलाकारों के सुमधुर लोकगीतों ने परिसर को उत्सवी माहौल में बांधे रखा।

भगवान शिव-पार्वती की पूजा और प्रदेश की समृद्धि की कामना

कार्यक्रम की शुरुआत में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भगवान शिव और माता पार्वती की विधिवत पूजा-अर्चना कर पूरे राज्य की खुशहाली और अखंड सौभाग्य की प्रार्थना की। उन्होंने कहा कि तीजा पर्व माता पार्वती के कठोर तप और आस्था का प्रतीक है, वहीं पोरा का त्योहार हमारी कृषि संस्कृति और पशुधन के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का माध्यम है।

‘हर घर मुनगा’ अभियान और राष्ट्रीय पोषण माह 2026 की शुरुआत

कुपोषण के खिलाफ लड़ाई को मजबूत करने के लिए मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘हर घर मुनगा-घर घर मुनगा’ अभियान का शुभारंभ किया और इसके आधिकारिक लोगो का अनावरण किया। उन्होंने मुनगा (सहजन) के औषधीय और पोषक गुणों पर प्रकाश डालते हुए हर घर में इसे लगाने का आह्वान किया। इसके साथ ही, 9 सितंबर से 8 अक्टूबर तक चलने वाले राष्ट्रीय पोषण माह 2026 के पोस्टर का विमोचन कर ‘सुपोषण रथ’ को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।

शिशुओं का अन्नप्राशन संस्कार

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने छोटे बच्चों को अपने हाथों से खीर खिलाकर अन्नप्राशन कराया और उनके माताओं से बच्चों के स्वास्थ्य और पोषण को लेकर आत्मीय चर्चा की।

महिला सशक्तिकरण का लेखा-जोखा

समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं की उपलब्धियां साझा कीं:

महतारी वंदन योजना: 68 लाख से अधिक लाभार्थी महिलाओं के खातों में अब तक 31 किस्तों के जरिए ₹20,000 करोड़ से अधिक की राशि direct transfer की जा चुकी है।

आत्मनिर्भर महिलाएं: लक्ष्य से अधिक सफलता प्राप्त करते हुए राज्य में 13 लाख से अधिक महिलाएं ‘लखपति दीदी’ बन चुकी हैं। इसके अलावा ‘ड्रोन दीदी’, ‘डीलर दीदी’ और ‘रानी मिस्त्री’ के रूप में महिलाएं नए क्षेत्रों में अपनी पहचान बना रही हैं।

संपत्ति में स्वामित्व: महिलाओं के नाम संपत्ति की रजिस्ट्री पर पंजीयन शुल्क में 50% और स्टांप शुल्क में 1% की छूट दी जा रही है।

पीएम आवास योजना: राज्य में अब तक 11.5 लाख से अधिक पक्के मकान बनाए जा चुके हैं और हाल ही में 3.65 लाख नए मकानों की स्वीकृति मिली है।

कार्यक्रम में महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े सहित अनेक जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे।

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