मुख्यमंत्री निवास में बंगाली नववर्ष ‘पोइला बैसाख’ का भव्य आयोजन

रायपुर। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने हाल ही में रायपुर स्थित अपने निवास पर आयोजित बंगाली नववर्ष मिलन समारोह में शिरकत की। इस विशेष अवसर पर उन्होंने बंगाली समुदाय के नागरिकों को नए साल की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और प्रदेश की उन्नति में उनके योगदान को रेखांकित किया।
प्रदेश के विकास में बंगाली समाज की भूमिका
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के सर्वांगीण विकास में बंगाली समुदाय का एक विशिष्ट स्थान है। उन्होंने मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में समाज के प्रयासों की सराहना की:
मत्स्य पालन और कृषि: राज्य को मछली पालन और आधुनिक कृषि तकनीकों में अग्रणी बनाने में समाज का बड़ा हाथ है।
स्वास्थ्य सेवाएँ: चिकित्सा के क्षेत्र में बंगाली समुदाय के पेशेवर निस्वार्थ भाव से अपनी सेवाएँ दे रहे हैं।
आर्थिक प्रगति: मुख्यमंत्री ने भरोसा जताया कि ‘विकसित छत्तीसगढ़’ के लक्ष्य को प्राप्त करने में यह समाज मील का पत्थर साबित होगा।
सांस्कृतिक और ऐतिहासिक जुड़ाव
श्री साय ने पश्चिम बंगाल की पावन धरा से निकले महान मनीषियों का स्मरण किया। उन्होंने रविंद्रनाथ टैगोर, स्वामी विवेकानंद और बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय जैसे महापुरुषों के प्रति अपनी श्रद्धा व्यक्त की।
विशेष रूप से स्वामी विवेकानंद का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा: “स्वामी विवेकानंद ने अपने जीवन का एक महत्वपूर्ण समय रायपुर में बिताया था। उनके गौरवशाली इतिहास को सहेजने के लिए हमारी सरकार उनके निवास स्थल को विरासत के रूप में संरक्षित कर रही है। रायपुर हवाई अड्डे का नामकरण भी उन्हीं के सम्मान में किया गया है।”
गौरवशाली विरासत का सम्मान
कार्यक्रम में मौजूद उप मुख्यमंत्री श्री विजय शर्मा ने भी बंगाल के समृद्ध इतिहास पर प्रकाश डाला। उन्होंने रामकृष्ण परमहंस, महान वैज्ञानिक मेघनाद साहा और डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जैसी विभूतियों को याद करते हुए कहा कि उनकी विरासत को आगे बढ़ाना हम सभी का दायित्व है।
गणमान्य जनों की उपस्थिति
इस मिलन समारोह में विधायक श्री किरण सिंह देव सहित कई वरिष्ठ नेता और समाज के प्रमुख प्रतिनिधि उपस्थित रहे, जिनमें श्री अखिलेश सोनी, श्री प्रबल प्रताप जूदेव, पूर्व न्यायमूर्ति श्री गौतम भादुड़ी और श्री विवेक वर्धन शामिल थे। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में बंगाली समुदाय के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और सांस्कृतिक एकता का परिचय दिया।
















