छत्तीसगढ़ की नई तस्वीर : डिजिटल कंटेंट क्रिएटर्स के साथ मुख्यमंत्री का संवाद

रायपुर। राजधानी रायपुर के मुख्यमंत्री निवास में आयोजित ‘डिजिटल डेमोक्रेसी डायलॉग’ के दौरान मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने देशभर से आए प्रभावशाली कंटेंट क्रिएटर्स से मुलाकात की। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य डिजिटल माध्यमों के जरिए छत्तीसगढ़ की बदलती और सकारात्मक छवि को वैश्विक पटल पर लाना था।
सांस्कृतिक और आध्यात्मिक धरोहर का केंद्र
मुख्यमंत्री ने प्रदेश की संपन्न विरासत का उल्लेख करते हुए बताया कि छत्तीसगढ़ केवल प्राकृतिक सुंदरता का प्रदेश नहीं है, बल्कि यह मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम का ननिहाल भी है। माता कौशल्या की इस पावन भूमि में वनवास के दौरान प्रभु राम ने लंबा समय बिताया था। उन्होंने माता शबरी की अटूट भक्ति और संत गुरु घासीदास जी के ‘मानवता और समानता’ के संदेश को राज्य की मूल पहचान बताया।
नक्सलवाद पर विजय और विकास की राह
संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री ने राज्य की सुरक्षा और प्रगति पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा:
सुरक्षा और संकल्प: केंद्र सरकार के सहयोग और सुरक्षा बलों के पराक्रम से राज्य अब नक्सलवाद के खात्मे की ओर है।
नियद नेल्ला नार योजना: इस विशेष पहल के माध्यम से दूरस्थ गांवों तक बिजली, पानी, सड़क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।
मुख्यधारा से जुड़ाव: ‘बस्तर ओलंपिक’ जैसे आयोजनों के जरिए युवाओं की ऊर्जा को सकारात्मक दिशा दी जा रही है।
बस्तर: वैश्विक पर्यटन का नया सितारा
छत्तीसगढ़ के प्राकृतिक सौंदर्य की चर्चा करते हुए श्री साय ने गर्व के साथ बताया कि बस्तर के धुड़मारास गांव को यूनेस्को (UNESCO) ने दुनिया के सर्वश्रेष्ठ पर्यटन स्थलों की सूची में स्थान दिया है। उन्होंने कंटेंट क्रिएटर्स को प्रोत्साहित किया कि वे बस्तर की इस अनूठी संस्कृति और सौंदर्य को दुनिया के सामने पेश करें।
डिजिटल क्रांति और भविष्य का लक्ष्य
मुख्यमंत्री ने ‘डिजिटल इंडिया’ की शक्ति का उदाहरण देते हुए दिव्यांग बालक मड्डा राम की कहानी साझा की, जिनका वीडियो वायरल होने के बाद क्रिकेट जगत के दिग्गज सचिन तेंदुलकर ने उनकी मदद की थी। उन्होंने राज्य के भविष्य के ब्लूप्रिंट पर भी चर्चा की:
छत्तीसगढ़ विजन 2047: राज्य को विकसित बनाने का एक व्यापक रोडमैप।
औद्योगिक निवेश: नई नीति के तहत पिछले दो वर्षों में ₹8 लाख करोड़ से अधिक के निवेश प्रस्तावों का आगमन।
परिवर्तन के संवाहक बनें क्रिएटर्स
कार्यक्रम में मौजूद रामभाऊ म्हालगी प्रबोधिनी के उपाध्यक्ष श्री विनय सहस्त्रबुद्धे ने भी विचार साझा किए। उन्होंने कहा कि आज डिजिटल मीडिया जनमानस की धारणा बदलने का सबसे सशक्त माध्यम है। उन्होंने क्रिएटर्स से अपील की कि वे पुराने पूर्वाग्रहों को छोड़कर छत्तीसगढ़ की शांति, विकास और संभावनाओं की नई कहानी को सोशल मीडिया के जरिए जन-जन तक पहुँचाएं।
इस गरिमामयी आयोजन में विधायक श्री किरण सिंह देव, मुख्यमंत्री के सलाहकार और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे, जिन्होंने डिजिटल लोकतंत्र के इस बढ़ते प्रभाव की सराहना की।
















