छत्तीसगढ़

जशपुर में इसरो की ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ बस ने जगाई अंतरिक्ष विज्ञान की अलख

जशपुर। छत्तीसगढ़ के जशपुर जिले में इन दिनों ‘स्पेस ऑन व्हील्स’ कार्यक्रम के माध्यम से स्कूली बच्चों के बीच विज्ञान और तकनीक को लेकर एक नई लहर देखी जा रही है। भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) की यह विशेष मोबाइल प्रदर्शनी बस रणजीता स्टेडियम पहुँची, जहाँ मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने इसका अवलोकन किया। मुख्यमंत्री ने बस में मौजूद रॉकेट, उपग्रहों और विभिन्न अंतरिक्ष अभियानों के मॉडलों को बारीकी से देखा और विद्यार्थियों के साथ संवाद किया।

मुख्यमंत्री ने सराहा बच्चों का आत्मविश्वास

प्रदर्शनी के दौरान शासकीय महारानी लक्ष्मी बाई स्कूल की 12वीं कक्षा की छात्राओं—अंशु पासवान, भूमिका डाहरे और सारिका साहनी—ने मुख्यमंत्री को चंद्रयान और मंगलयान जैसे जटिल मिशनों की कार्यप्रणाली समझाई। छात्राओं के ज्ञान और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर मुख्यमंत्री ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्रों में वैज्ञानिक सोच विकसित करने के लिए ऐसी पहल सराहनीय है। उन्होंने जोर दिया कि आज के युग में विज्ञान और नवाचार ही प्रगति के मुख्य स्तंभ हैं।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उन 17 मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जो जिले के स्कूलों में विज्ञान का प्रसार कर रहे हैं। साथ ही, बच्चों को प्रेरित करने के लिए ‘द मैजिक ऑफ नाइट स्काई’ नामक पुस्तक का वितरण भी किया गया।

14 दिवसीय अभियान से 10 हजार छात्र होंगे लाभान्वित

मुख्यमंत्री की प्रेरणा से शुरू हुए ‘अन्वेषण’ कार्यक्रम के तहत यह अभियान ‘विज्ञान भारती’ के सहयोग से चलाया जा रहा है।

अवधि: 7 अप्रैल से शुरू हुआ यह सफर 14 दिनों तक चलेगा।

समय: प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक बस विभिन्न स्कूलों का भ्रमण कर रही है।

लक्ष्य: जिले के 10,000 से अधिक विद्यार्थियों तक अंतरिक्ष विज्ञान की जानकारी पहुँचाना।

क्या है ‘स्पेस ऑन व्हील्स’?

यह इसरो की एक हाई-टेक चलती-फिरती लैब है, जिसे छात्रों को अंतरिक्ष की दुनिया से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है।

प्रमुख मॉडल: बस में PSLV, GSLV, चंद्रयान, मंगलयान और नेविगेशन सैटेलाइट्स के सजीव मॉडल मौजूद हैं।

सीखने का तरीका: ऑडियो-विजुअल और इंटरएक्टिव पैनल के माध्यम से कठिन तकनीकों को सरल भाषा में समझाया जाता है।

करियर मार्गदर्शन: इसका मुख्य उद्देश्य युवाओं को STEM (विज्ञान, तकनीक, इंजीनियरिंग और गणित) क्षेत्र में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करना है।

इस कार्यक्रम में विधायक श्रीमती गोमती साय, श्रीमती रायमुनी भगत सहित जिले के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी और भारी संख्या में स्कूली छात्र मौजूद रहे। यह पहल उन बच्चों के लिए एक वरदान साबित हो रही है, जो बड़े शहरों या इसरो केंद्रों तक जाने में असमर्थ हैं। अब अंतरिक्ष का ज्ञान सीधे उनके द्वार तक पहुँच रहा है।

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