वाराणसी हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क विभाग की बड़ी कार्रवाई : ₹19 करोड़ की नशीली सामग्री के साथ छह विदेशी नागरिक पकड़े गए

वाराणसी (एजेंसी)। उत्तर प्रदेश के वाराणसी में स्थित लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर सीमा शुल्क (कस्टम) विभाग को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। अधिकारियों ने बैंकॉक से आए छह थाई नागरिकों को प्रतिबंधित मादक पदार्थ की तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में तीन महिलाएं भी शामिल हैं। तस्करों के पास से बरामद की गई नशीली सामग्री की अंतर्राष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 19 करोड़ रुपये आंकी जा रही है।
ट्रॉली बैग से बरामद हुआ प्रतिबंधित ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’
आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई शनिवार को उस समय की गई जब ये यात्री एयर इंडिया एक्सप्रेस की उड़ान संख्या IX-215 से वाराणसी पहुंचे थे। हवाई अड्डे पर नियमित सुरक्षा जांच और स्क्रीनिंग के दौरान इन विदेशी नागरिकों की संदिग्ध गतिविधियों ने अधिकारियों का ध्यान खींचा। कड़ाई से की गई जांच और उनके ट्रॉली बैगों की तलाशी लेने पर, उनके भीतर छिपाकर रखे गए प्लास्टिक के पैकेट मिले। इन पैकेटों से कुल 19.7 किलोग्राम ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ बरामद किया गया।
क्या होता है हाइड्रोपोनिक गांजा?
यह सामान्य गांजे की तुलना में कहीं अधिक तीव्र और नशीला होता है। इसकी खेती पारंपरिक तरीके से मिट्टी में करने के बजाय, विशेष रूप से तैयार किए गए पोषक तत्वों से भरपूर पानी (Water-based system) में की जाती है। उच्च गुणवत्ता और अधिक कड़े रसायनों के कारण वैश्विक स्तर पर इसकी कीमत बहुत ज्यादा होती है।
पूछताछ में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे
गिरफ्तारी के बाद जब सुरक्षा और जांच एजेंसियों ने आरोपियों से सघन पूछताछ की, तो उन्होंने स्वीकार किया कि वे इस अवैध धंधे में पहले भी संलिप्त रहे हैं। आरोपियों ने बताया कि इससे पूर्व भी वे कोलकाता और गया के रास्ते भारत में नशीले पदार्थों की अवैध खेप पहुंचा चुके हैं।
इस पूरे नेटवर्क में शामिल एक अन्य थाई महिला की भूमिका की भी गहनता से जांच की जा रही है। शुरुआती जानकारी के अनुसार, इसी महिला ने तस्करों के भारत में ठहरने के लिए होटलों की बुकिंग की थी और वह इस खेप को इसके गंतव्य तक पहुंचाने की मुख्य योजनाकार मानी जा रही है।
सीमा शुल्क विभाग ने सभी जरूरी कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद छहों आरोपियों को स्थानीय मजिस्ट्रेट के समक्ष प्रस्तुत किया, जहाँ से अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है।
















