आपदा पीड़ित किसानों को मुख्यमंत्री की बड़ी राहत : बुरहानपुर में केले की फसल के नुकसान पर ₹107.82 करोड़ सीधे खातों में ट्रांसफर

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राज्य के किसानों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा है कि अन्नदाताओं की समस्याओं का त्वरित समाधान प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। बुरहानपुर जिले में मई और जून के दौरान हुई असमय प्राकृतिक आपदा से प्रभावित 188 गाँवों के 8,115 केला उत्पादक किसानों को राहत पहुँचाते हुए राज्य सरकार ने 107.82 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता राशि सीधे उनके बैंक खातों में हस्तांतरित कर दी है।
मुख्यमंत्री ने उज्जैन से वर्चुअली बुरहानपुर में आयोजित ‘बलराम कृषि महोत्सव’ को संबोधित करते हुए कहा कि जब तक प्रभावित किसानों के चेहरे पर वापस खुशी नहीं लौट आती, तब तक सरकार शांत नहीं बैठेगी। इस अवसर पर बुरहानपुर में आयोजित कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित थे। विधायक अर्चना चिटनिस ने इस दौरान बुरहानपुर की ओर से मुख्यमंत्री को केले के रेशे (फाइबर) से निर्मित विशेष राखी भेंट करने की घोषणा की।
कांवड़ यात्रियों के लिए विशेष इंतजाम: श्रावण मास की शुरुआत पर प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने सभी जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए कि वे कांवड़ यात्रा के सुगम संचालन के लिए सड़क एवं सुरक्षा संबंधी सभी तैयारियाँ पूर्व में ही पूर्ण कर लें।
कृषक कल्याण वर्ष 2026: राज्य सरकार किसानों की आय वृद्धि और नवीनतम तकनीकों (जैविक व प्राकृतिक खेती) को बढ़ावा देने के लिए 16 विभागों के साथ मिलकर कार्ययोजना पर काम कर रही है। जिला स्तरीय बलराम कृषि महोत्सवों का उद्देश्य कृषि में विविधीकरण लाना है।
टेक्सटाइल और कृषि प्रसंस्करण को बढ़ावा:
बुरहानपुर के केला प्रसंस्करण (केले के रेशे से वस्त्र व सजावटी सामान) को मिली राष्ट्रीय पहचान को आगे बढ़ाते हुए इसे ई-कॉमर्स से जोड़ा जा रहा है।
कपास उत्पादकों को लाभ पहुँचाने के लिए मंडी टैक्स आधा (1% से घटाकर 0.50%) कर दिया गया है। बुरहानपुर के किसानों को पास ही स्थित धार के ‘पीएम मित्र पार्क’ का भी प्रत्यक्ष लाभ मिलेगा।
सिंचाई और औद्योगिक विकास:
महाराष्ट्र सरकार के साथ मिलकर ‘ताप्ती मेगा रिचार्ज परियोजना’ पर तेज़ी से कार्य जारी है, जिससे जिले में हर खेत तक पानी पहुँचाया जा सके।
ग्वालियर को देश का नया टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार और मध्य प्रदेश शासन के मध्य नई दिल्ली में एक महत्वपूर्ण एमओयू (MoU) पर हस्ताक्षर किए जाने की घोषणा की गई।
















