‘वीर भारत संग्रहालय’ का CM मोहन यादव ने किया औचक निरीक्षण, दिए पारंपरिक पद्धति से गुणवत्तापूर्ण जीर्णोद्धार के निर्देश

भोपाल (एजेंसी)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने उज्जैन स्थित ऐतिहासिक कोठी महल में बन रहे ‘वीर भारत संग्रहालय’ के पुनरुद्धार कार्य का अचानक जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने निर्माण स्थल का निरीक्षण करते हुए वहाँ कार्यरत कारीगरों व मजदूरों से संवाद किया और उनका कुशलक्षेम जाना।
मुख्यमंत्री ने सख्त निर्देश दिए कि इस ऐतिहासिक इमारत की मौलिकता और सांस्कृतिक विरासत को बनाए रखने के लिए जीर्णोद्धार में पारंपरिक और पुरानी निर्माण तकनीकों का ही प्रयोग किया जाए। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि निर्माण की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
मूल ऐतिहासिक ढाँचे से न हो कोई छेड़छाड़
उज्जैन स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट के अंतर्गत संचालित इस परियोजना का जायजा लेते हुए मुख्यमंत्री ने भवन की संरचना का गहनता से अवलोकन किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसी को निर्देशित किया कि भवन के मूल स्वरूप, प्राचीन वैभव और ऐतिहासिक पहचान को पूरी तरह सुरक्षित रखा जाए तथा इसके पारंपरिक ढाँचे में कोई फेरबदल न हो।
निरीक्षण के समय ‘दी धरोहर’ कंपनी की अधिकारी श्रीमती संगीता बैस ने अब तक की प्रगति और कार्यों की विस्तृत रिपोर्ट मुख्यमंत्री के समक्ष प्रस्तुत की। इस अवसर पर स्थानीय विधायक अनिल जैन कालूहेड़ा, सतीश मालवीय, प्रशासनिक संभागायुक्त आशीष सिंह, कलेक्टर रौशन कुमार सिंह, एसपी प्रदीप शर्मा सहित कई वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
नवंबर तक पूरा होगा कार्य, दूसरे चरण में होंगी ये सुविधाएँ
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि संग्रहालय जीर्णोद्धार का पहला चरण अंतिम दौर में है और जल्द ही द्वितीय चरण (Phase-2) का कार्य प्रारंभ होगा।
द्वितीय चरण के मुख्य आकर्षण:
पुरानी वास्तुकला (आर्किटेक्चर) को पुनः जीवित करना।
आकर्षक इंटीरियर डिजाइनिंग।
परिसर का सौंदर्यीकरण (लैंडस्केपिंग) एवं साइट डेवलपमेंट।
आगंतुकों के लिए आधुनिक और सुव्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था।
प्रशासन के अनुसार, वीर भारत संग्रहालय की यह संपूर्ण जीर्णोद्धार परियोजना आगामी नवंबर माह तक पूर्ण कर ली जाएगी।
















